एबीवीपी से सचिव पद के उम्मीदवार कुणाल चौधरी ने कहा एबीवीपी की विशेषता है कि यह पूरे वर्ष जमीन पर सक्रिय रहती है, केवल रील पर नहीं। इस वर्ष एबीवीपी विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट, 10 हजार से अधिक इंटर्नशिप, मुफ्त एआई टूल्स सर्टिफिकेशन प्रोग्राम और चतुर्थ वर्ष के छात्रों के लिए रिसर्च पेपर लेखन में सुविधा जैसे मुद्दों पर कार्य करेगी। मुझे विश्वास है कि इस बार हमारा पैनल भारी मतों से विजयी होगा और डीयू के इतिहास में नया अध्याय लिखेगा। एबीवीपी से संयुक्त सचिव पद की उम्मीदवार दीपिका झा ने कहा कि सभी कॉलेजों में छात्राओं का स्नेह और समर्थन मिल रहा है।
एनएसयूआई के लिए सचिन पायलट ने मांगे वोट, बोले-जीत से बदलेगा डीयू
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर कांग्रेस ने एनएसयूआई के समर्थन में अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सोमवार को मिरांडा कॉलेज, कैंपस लॉ सेंटर और हिंदू कॉलेज में छात्रों से एनएसयूआई पैनल को समर्थन देने की अपील की।
इस मौके पर सचिन पायलट ने कहा कि एनएसयूआई डूसू चुनाव में जीत दर्ज करके दिल्ली विश्वविद्यालय को बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने दावा किया कि एनएसयूआई ने संतुलित और साफ-सुथरी छवि वाला पैनल उतारा है, जिसे छात्रों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में बेरोजगारी, शिक्षा का निजीकरण और फीस वृद्धि जैसी समस्याओं के लिए भाजपा की सरकारें जिम्मेदार हैं। वहीं भाजपा सरकार ने तो नए कॉलेज खोले, न ही सीटें बढ़ाईं। लिहाजा डूसू चुनाव में युवाओं की आवाज बैलेट पर साफ सुनाई देंगी।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र राजनीति का प्रमुख केंद्र है, जिसने देश को बड़े नेता दिए हैं। एनएसयूआई केवल संगठन नहीं, बल्कि छात्रों के लिए अपने भविष्य की दिशा तय करने का पहला पड़ाव है। यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा जिस तरह सत्ता पर काबिज हो रही है, उससे नाराज छात्र एबीवीपी का बहिष्कार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले डूसू चुनाव में एनएसयूआई अध्यक्ष और सहसचिव पद पर जीती थी, लेकिन इस बार चारों पदों पर जीत सुनिश्चित है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भी एनएसयूआई पैनल के समर्थन में बैठक हुई, जिसमें दिल्ली प्रभारी निजामुद्दीन काजी और पूर्व मंत्री डॉ. नरेन्द्र नाथ समेत कई नेताओं ने भाग लिया।