परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद से उनके 80 साल के पिता बलवंत सिंह पूरी तरह से टूट चुके हैं। 80 साल के पिता बलवंत सिंह एयरफोर्स से रिटायर अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि नवजोत का कुछ ही दिनों में प्रमोशन होने वाला था और परिवार ने प्रमोशन के बाद एक साथ घूमने की योजना बनाई थी। लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।
कांपती आवाज में बलवंत सिंह बोले कि नवजोत हमारे घर का गर्व था। उसने आईआईएम लखनऊ से कुछ दिन पहले ही वह ट्रेनिंग लेकर आया था। वह अपनी मेहनत के बल पर ऊंचे मुकाम तक पहुंचा था। हम सब उसके उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे। घटना के बाद से उनके बेटे नवनूर का भी रो रोकर बुरा हाल है। 16 सितंबर को उसका जन्मदिन है। हर साल उसके माता-पिता उसकी जन्मदिन बहुत धूमधाम से मनाते थे।
कार से गुजर रहे लोग बनाते रहे वीडियो
धौलाकुआं के पिलर नंबर 67 के पास हुए हादसे के बाद भी वहां से काफी गाड़ियां गुजरी लेकिन घायलों की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। रविवार को हुए हादसे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। घटनास्थल पर रहने वाले लोगों ने भी कहा कि लोग मदद के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त दिखे।
घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर जलबोर्ड का काम चल रहा है। यहां काम करने वाले आकाश ने बताया कि रविवार दोपहर जब घटना घटी वह वहां खाना खा रहे थे। तभी लोगों का शोर सुनकर वह घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां काफी भीड़ जमा दी। वाहनों का तांता लगा था। उन्होंने देखा कि एक कार पलटी हुई है और कार में कुछ लोग फंसे थे जबकि दो लोग सड़क पर गिरे थे।
आकाश ने बताया कि भीड़ में शामिल लोग वीडियो बना रहे थे। यहां तक कि कार से गुजर रहे लोग भी वीडियो बना रहे थे। इसी बीच कुछ लोग कार में फंसे लोगों को बचाने के लिए आगे आए। बाइक से दूर जा गिरे व्यक्ति और एक महिला को लोगों ने काफी देर तक नहीं उठाया। यह बात वीडियो में भी दिख रही है कि लोग कार में फंसे लोगों की मदद कर रहे हैं लेकिन बाइक वालों की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। नेतराम ने बताया कि भीड़ ज्यादा होने के कारण वह ज्यादा कुछ नहीं देख पाए। नेतराम ने बताया कि रिंग रोड़ होने के कारण यहां बहुत तेजी से गाड़ी चलती है। जिससे अकसर हादसा होते रहता है।