एनआईटी स्थित दशहरा मैदान में दिवाली को लेकर पटाखों की दुकानें सज गई। चाइना उत्पाद के बहिष्कार का असर पटाखों के कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। इस बार चाइना के बने पटाखे बाजार में नहीं आए।
गत वर्ष की तुलना में इस बार पटाखों पर महंगाई की मार देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है पटाखों के दामों में करीब दस प्रतिशत की बढ़ोतरी है, उसके बावजूद लोगों का आतिशबाजी के लिए खरीदे जाने वाले पटाखों का क्रेज कम नजर नहीं आ रहा है।
दशहरा मैदान में इस बार करीब 150 पटाखों की स्टॉल लगी है। छोटे बच्चों को पटाखों के प्रति आकर्षित करने के लिए छोटा भीम, स्पाइडर मैन के चित्र बनें हुए है। छोटे बच्चों ने परिवार के साथ पहुंच कर बंदूक भी खरीदी।
आतिशबाजी के लिए कलर शॉट की खरीदी की। व्यापारी कैलाश भाटिया ने बताया कि 100 से लेकर 15 हजार रुपये तक के पटाखें बाजार में उपलब्ध है। अरूण ने बताया कि दामों में बढ़ोतरी होने के बावजूद इसके प्रति क्रेज कम नहीं है। पटाखों की खरीद गुडगांव से की गई है।