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दिल्ली: सदन में चर्चा के दौरान भड़के सिसोदिया, कहा- चुनी हुई सरकार को नाकाम करने की हो रही साजिश

Tue, 07 Aug 2018 10:08 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने फिर दोहराया कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार को नाकाम करने की साजिश के तहत सेवा संबंधी मामलों को उनके पास ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप भी लगाया कि इसके जरिये भ्रष्टाचार को जारी रखने व भ्रष्टाचारियों की बचाने की भी उनकी (केंद्र सरकार व उपराज्यपाल) मंशा है।       

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मनीष सिसोदिया सोमवार शाम दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन नियम 55 के तहत हो रही अल्पकालिक चर्चा में बोल रहे थे। नौकरशाहों की तरफ से दिल्ली सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों को कथित रूप से बाधित करने व धीमा करने के प्रयास से जुड़ी चर्चा की शुरुआत विधायक सौरभ भारद्वाज ने की। उन्होंने दिल्ली का अपना लोक सेवा आयोग गठित करने का प्रस्ताव सदन में पेश किया।

प्रस्ताव पर रजामंदी जताते हुए सिसोदिया ने कहा कि सरकार छह सप्ताह के भीतर आयोग के गठन के लिए उपयुक्त कदम उठाएगी।  सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सेवा संबंधी मामले अपने पास रखकर सरकार के कामों में रोक लगाई जा रही है।  सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सरकार मोहल्ला क्लीनिक को पोर्टा केबिन बना लेगी, स्कूल व कॉलेज के कमरे बन जाएंगे, लेकिन डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ, शिक्षक, नॉन-शैक्षिक स्टॉफ की वो भर्ती नहीं होने देंगे।     

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क्या-क्या बोले सिसोदिया

- फोटो : एएनआई
शिक्षा विभाग को उदाहरण देते हुए सिसोदिया ने कहा कि नियमित तौर पर शिक्षा सचिव व डायरेक्टर बदला जा रहा है। हर बैठक में नये अधिकारी से मुलाकात होती है, इससे पिछली बैठक में लिए गए फैसलों की बात ही नहीं हो पाती। स्किल सेंटर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का भी इसी तरह तबादले हो रहे हैं।

इससे योजनाओं के साथ तालमेल नहीं बन पाता। इस दौरान उन्होंने बगैर नाम लिये केंद्र सरकार व उपराज्यपाल पर निशाना साधा।  आखिर में  सिसोदिया ने कहा कि वह सौरभ भारद्वाज के दिल्ली के लिये लोक सेवा आयोग गठित करने प्रस्ताव से सहमत हैं। साथ ही सरकार की तरफ से भरोसा दिया कि छह सप्ताह के अंदर इस दिशा में ठोस काम भी कर लिया जाएगा।      
  
सौरभ भारद्वाज ने आयोग बनाने का दिया प्रस्ताव
नियम 55 के तहत अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधायकों के सवालों के जवाब गुमराह करने वाले होते हैं। सवालों के जरिये विधायकों की कोशिश अधिकारियों व सरकार की जवाबदेही जनता के प्रति तय करने की रहती है। इसके बाद उन्होंने बुराड़ी मसले से जुड़े जिक्र विस्तार से किया। बाद में उन्होंने एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें दिल्ली में अधिकारियों की कमी और उससे आम लोगों को होने वाली परेशानी की बात करते हुए दिल्ली के लोक सेवा आयोग के गठन की वकालत की है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि सदन से प्रस्ताव पास होने के 6 सप्ताह में सरकार ऐसे आयोग के गठन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिये आवश्यक कदम उठाएगी। जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, परिवहन समेत अन्य सेवाओं को मुहैया कराने की राह में नौकरशाहों के खाली पद आड़े न आयें। बाद में सदन में ध्वनि मत से प्रस्ताव पास कर दिया।       
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