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दुजाना ने अदालत में पेशी के दौरान की युवती से की सगाई

Sat, 16 Feb 2019 07:03 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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court - फोटो : PTI
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गैंगस्टर अनिल दुजाना ने शुक्रवार को बागपत से आई मंगेतर पूजा से जिला अदालत परिसर में ही मंगनी कर ली। अनिल महाराजगंज जेल से गौतमबुद्धनगर की जिला अदालत में हत्या के मामले में पेशी पर लाया गया था। अधिवक्ता ने अदालत से एग्रीमेंट पर अनुमति मिलने के बाद मंगनी के शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद अनिल व पूजा ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। हालांकि, अदालत परिसर में इस तरह का कोई कार्यक्रम नहीं हो सकता है, लेकिन इस संबंध में कोई बोलने को तैयार नहीं है।
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अधिवक्ता जितेंद्र नागर ने बताया कि अनिल जिला अदालत में पेशी पर आया था। जबकि पूजा परिजनों के साथ दुल्हन के कपड़े पहने हुए पहुंची थी। इस दौरान अदालत में अनिल के शादी के लिए दिए गए शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराने की अनुमति मांगी गई। इसमें लिखा था कि पूजा और अनिल एक दूसरे को लगभग एक साल से जानते हैं और शादी करना चाहते हैं। अनुमति मिलने के बाद शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद ही दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। अदालत परिसर के दौरान परिजनों की भीड़ भी दिखाई दी। इसके बाद अनिल के परिजनों के साथ पूजा चली गई।

सूचना पर पहुंचे पुलिस अधिकारी  
अनिल दुजाना व अन्य बड़े अपराधियों के पेशी पर आने के दौरान पुलिस बल जिला अदालत में मौजूद रहता है। अनिल के आने के दौरान मंगनी करने की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्हें अदालत की अनुमति से हस्ताक्षर कराने की जानकारी मिली। सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम श्वेताभ पांडे ने बताया कि सूचना मिलने पर हम जिला अदालत पहुंचे थे, लेकिन वहां पता चला कि अनिल ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर आदि अदालत की अनुमति से किए हैं।
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एक हत्या के मामले में अनिल जिला अदालत में पेशी पर आया था। हमने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज पर हस्ताक्षर की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने पर शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए हैं।  - सूर्यप्रताप सिंह, पूर्व सचिव, वरिष्ठ अधिवक्ता   
 
अनिल दुजाना के पेशी पर आने के दौरान मंगनी की सूचना मिली है, लेकिन माननीय न्यायालय परिसर में यह हुआ है, इसलिए टिप्पणी नहीं की जा सकती।  - वैभव कृष्ण, एसएसपी, गौतमबुद्ध नगर 

अनिल दुजाना की गौतमबुद्ध नगर अदालत परिसर में मंगनी करने की मुझे जानकारी नहीं है। अगर, गौतमबुद्ध नगर जिले में ऐसी कोई घटना हुई है, जिसमें जांच या कार्रवाई बनती है तो वहीं की पुलिस को करनी चाहिए।  - रोहित सिंह सजवान, एसपी महाराजगंज 
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अदालत परिसर में नहीं हो सकते शादी-मंगनी या अन्य कार्यक्रम
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता पंकज दुबे ने बताया कि अदालत परिसर में मंगनी या शादी समेत अन्य कार्यक्रम बिना अदालत की अनुमति से नहीं हो सकते। अगर किसी अपराधी को सजा हो चुकी है तो ऐसे अपराधी को इस तरह की अनुमति नहीं मिल सकती। अनिल दुजाना के मामले में वकील की तरफ से शपथ पत्र पर कोर्ट से अनुमति ली गई है, लेकिन इसमें कोर्ट परिसर में किसी आयोजन की अनुमति नहीं है। अगर कोर्ट परिसर में पुलिस के समक्ष यह सब कुछ हुआ तो जो पुलिस अपराधी को न्यायालय में लेकर आई है, उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह कानून का पालन करते हुए महाराजगंज जेल से गौतमबुद्धनगर न्यायालय व बाद में महाराजगंज जेल में अपराधी को पहुंचाए। बीच में कोई घटना या अन्य कार्य होता है तो कस्टडी में लेकर आए पुलिस वाले ही जिम्मेदार होते हैं।

20 से अधिक केस हैं दर्ज, 45 माह की हुई थी सजा
अनिल दुजाना को जिला अदालत से अक्तूबर 2016 में 45 माह की सजा हो चुकी है। अनिल व उसके साथी मनोज पर वर्ष 2011 में डेरी मच्छा गांव में हुई विजय की हत्या का केस चला था। इस केस में पीड़ित पक्ष ने अनिल के पक्ष में बयान दिए थे। हालांकि, अदालत ने फरार होने के दोष में अनिल को 45 माह की सजा सुनाई थी। इसके अलावा अनिल पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी आदि के कई केस चल रहे हैं। अधिवक्ता जितेंद्र नागर का कहना है कि सजा के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में स्टे है।

जिला पंचायत का चुनाव जीत चुका है अनिल
अनिल ने जेल में ही रहकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। वह चुनाव जीत भी गया था। हालांकि, परिसीमन नहीं होने के कारण अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं हो सका।
 
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