दिल्ली पुलिस करीब 15 फीसदी जवानों की कमी से जूझ रही है। यही वजह है कि मौजूदा समय में काम के बोझ, तनाव, बीमारी और निजी कारणों की वजह से हर माह औसतन छह जवान स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले रहे हैं।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस के कुछ जवान निजी व पारिवारिक कारणों की वजह से मौत को गले लगा रहे हैं। आंकड़ों को देखे तो जनवरी 2018 से मई 2023 के बीच कुल 35 जवानों ने आत्महत्या कर ली। इसके पीछे निजी और पारिवारिक कारणों के अलावा काम के बोझ को भी इनकी मौत की वजह बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इन आरोपों को नकारते हैं। उनका कहना है कि जो जवान वीआरएस ले रहे हैं इसके पीछे उनके निजी कारण हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली पुलिस में मौजूदा समय में अलग-अलग स्तर पर 94254 पद स्वीकृत हैं।
फिलहाल 80 हजार जवान ही काम कर रहे हैं। इस हिसाब से लगभग 15 फीसदी पद खाली हैं। वहीं, हर साल लगभग 3000 जवान सेवानिवृत्त हो जाते हैं। काम की बात करें तो दिल्ली पुलिस के पास अपराध को काबू करने के अलावा ट्रैफिक, वीवीआईपी लोगों की सुरक्षा, धरने-प्रदर्शन को देखने के अलावा कई काम हैं। अपराधों की बात करें तो हर हर दिन औसतन लगभग 650 एफआईआर दर्ज हो जाती हैं। ऐसे में पुलिस कर्मियों पर पड़ने वाले दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया है कि एक जनवरी 2018 से 31 मई 2023 के बीच विभिन्न स्तर के कुल 402 जवानों ने वीआरएस ले लिया। वहीं, इसी समय अवधि में करीब 35 जवानों ने खुद ही मौत को गले लगा लिया। सूत्रों का कहना है कि पुलिस के कई जवानों ने अभी वीआरएस के लिए आवेदन दिया हुआ है। उस पर विचार किया जा रहा है।
20 साल सर्विस करने वाले जवान ले सकते हैं वीआरएस
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए 20 साल की सर्विस होना जरूरी है। सर्विस के दौरान महकमे को बिना बताए गायब रहने वाले जवान इसके लिए योग्य नहीं हैं। इस आधार पर अपनी सर्विस पूरी करने वाला कोई भी जवान वीआरएस के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन इस पर अंतिम मुहर लगाने का अधिकारी दिल्ली पुलिस विभाग को ही है।
तनाव दूर करने के लिए यह कदम
पुलिस की नौकरी में काम के दौरान तनाव होना एक सामान्य बात है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हर जिले में पुलिसकर्मियों को तनाव से निकालने के लिए लगातार कार्यक्रम चलाते रहे हैं। इसी कड़ी में स्ट्रेस मैनेजमेंट सेशन, योग, काउंसलिंग, मेडिकल हेल्थ चेकअप, संपर्क सभा जैसे कार्यक्रम किए जाते हैं। निजी और पारिवारिक कारणों के अलावा दूसरी जगह नौकरी लगने की वजह से जवान वीआरएस लेते हैं। जहां तक वीआरएस के आंकड़ों की बात है तो यह एक फीसदी भी नहीं है।
इस साल जवानों के खुदकुशी करने की कुछ घटनाएं
- 26 जनवरी 2023 : पहाड़गंज थाने के बैरक में हवलदार देवेंद्र कुमार ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी की। सुसाइड नोट में मौत की वजह निजी कारण बताया।
- 08 अप्रैल 2023 : मजनू का टीला इलाके में पीसीआर वैन इंचार्ज मोहम्मद इमरान ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी की, पारिवारिक कलह की बात आई सामने।
- 16 मई 2023 : तीसरी बटालियन में तैनात हवलदार अमित कुमार मोहन गार्डन स्थित अपने घर में फांसी लगाकर दी जान, कारणों का नहीं चल सका पता।