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डीयू में है वो तहखाना जिसमें फांसी से पहले रखे गए थे भगत सिंह

Fri, 25 Mar 2016 06:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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डीयू के तहखाने में बने बंदीगृह की यात्रा - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय में बने तहखाने के बंदीगृह के दरवाजे भगत सिंह के शहीदी दिवस पर स्कूली छात्रों के लिए खोले गए। उन्हें बुधवार को बंदीगृह की यात्रा कराई गई। इस पूरी कवायद का मकसद शहीदों से जुड़े इतिहास से बच्चों को रूबरू कराना था। वॉयस रीगल लॉज (कुलपति कार्यालय)  भविष्य में आम जनता के लिए भी खोला जाएगा। बता दें कि कुलपति कार्यालय के इसी तहखाने में शहीद भगत सिंह को फांसी देने से पहले बंदी बनाकर रखा गया था।
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यही वो जगह है जहां फांसी से पहले रखे गए थे भगत स‌िंह - फोटो : अमर उजाला
भ्रमण के  दौरान पुस्तकालय व संग्रहालय में बच्चों खासी रुचि दिखाई। इस कार्यक्रम में लगभग 100 से अधिक स्कूली बच्चे शामिल हुए। जेल में भगत सिंह से जुड़ी किताबें एकत्र करके रखी गई हैं।
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बच्चों के साथ डीयू के वाइस चांसलर ने दी श्रद्धांजल‌ि - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा जेल में चारपाई व तस्वीर को भी रखा गया है।  बच्चे यहां क्रांतिकारी नेता शहीद भगत सिंह पर लिखे गए साहित्य से भी रूबरू हुए। कुलपति प्रोफेसर योगेश त्यागी ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देेते हुए स्कूली छात्रों के साथ-साथ घूमकर यहां से जुड़े इतिहास को जाना।

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डीयू वाइस चांसलर - फोटो : अमर उजाला
प्रोफेसर त्यागी ने बताया कि जिस दिन उन्होंने कार्यभार संभाला था, उसी दिन उन्हें किसी ने बताया था कि वे उस इमारत में बैठे हैं, जहां भगत सिंह को बंदी बनाकर रखा गया था।
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शहीद द‌िवस पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमाओं का हुआ अनावरण - फोटो : अमर उजाला
विधानसभा में बुधवार को शहीद दिवस पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमा का अनावरण के बाद केजरीवाल ने विजय माल्या के बहाने केंद्र सरकार और किसान आत्महत्या को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो आजादी भगत सिंह चाहते थे, वो अभी नहीं मिली है।
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106 साल के स्वतंत्रता सेनानी नसीम मिर्जा चंगेजी केजरीवाल के साथ - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली सरकार भगत सिंह के सपने को सच करने की दिशा में काम कर रही है। आप सरकार ने किसानों को प्रति एकड़ 20 हजार रुपये फसल बर्बादी पर मुआवजा और सरकारी अस्पतालों में निशुल्क इलाज और जांच किया।
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नसीम मिर्जा चंगेजी के साथ केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
केजरीवाल ने कहा कि इन तीन शहीदों से आज का युवा जुड़ा हुआ महसूस करता है। मुझे लगता है प्रतिमा लगाना बड़ा आसान है, लेकिन उनके बताए गए रास्ते पर चलना बड़ा मुश्किल है। उनके जीवन से और उनकी कही गई बातों से हमें प्रेरणा लेनी है। परिसर में लगी तीनों प्रतिमा देखेंगे तो प्रेरणा मिलेगी और जो कानून पास करेंगे या चर्चा करेंगे तो इन शहीदों के आदर्श को ध्यान में रखकर करेंगे।

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नसीम मिर्जा चंगेजी के साथ केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि भगत सिंह ने कहा था कि आजादी केवल अंग्रेजों को देश से भगाने से नहीं आएगी। आजादी तब आएगी जब देश से साम्राज्यवाद और गरीबी दूर हो जाएगी। किसान व मजदूर खुशहाली में जीएंगे, तब सच्ची आजादी आएगी।

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नसीम मिर्जा चंगेजी के साथ केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
केजरीवाल ने कहा कि एकतरफ विजय माल्या 9 हजार करोड़ रुपये लेकर भाग जाता है। माल्या जैसे कितने अमीरों पर सवा लाख करोड़ रुपये का लोन है। वहीं किसानों को 50 हजार रुपये के लोन के लिए आत्महत्या करनी पड़ती है।

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नसीम मिर्जा चंगेजी के साथ केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार से मिला तो उन्होंने बताया कि फसल बर्बादी पर कम मुआवजा और बीमारी इलाज में अधिक खर्च के कारण उनके अपनों ने आत्महत्या की। दिल्ली में हम किसी को पैसे की कमी में इलाज के बिना मरने नहीं देंगे।
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तहखाना जहां रखे गए थे भगत स‌िंह - फोटो : अमर उजाला
आज विजय माल्या 9 हजार करोड़ रुपये लेकर विदेश भाग जाता है और सारा तंत्र उसके सामने असहाय महसूस करता है।   वहीं किसान 50 हजार रुपये व इलाज का खर्च वहन नहीं कर पाने के कारण आत्म हत्या कर रहा है। मुझे नहीं लगता कि भगत सिंह वाली आजादी हमारे देश के अंदर आई है। ये कोई राजनीति की बात नहीं है। सिस्टम में बहुत सी कमियां मौजूद हैं।
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