दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ (डूटा) के आह्वान पर ठेके पर नियुक्ति करने के विरोध में बुधवार को शिक्षक हड़ताल पर रहे। शिक्षकों ने इस ठेके की प्रथा को तत्काल खत्म करने की मांग की। शिक्षकों का कहना था कि कुलपति मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेश पर शिक्षकों को ठेके पर रखने का प्रयास कर रहे हैं। डीयू के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
वहीं, अब डूटा की ओर से बृहस्पतिवार को रामलीला मैदान से संसद मार्ग तक रैली निकाली जा रही है। इसके बाद पदाधिकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय में अपना ज्ञापन देंगे। डूटा ने इस रैली में शामिल होने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं व संसद सदस्यों से भी संपर्क साधा है।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों तदर्थ शिक्षकों ने उन्हें समायोजित करने के लिए नौ दिन तक भूख हड़ताल भी की थी। इस पर प्रशासन व सरकार ने सकारात्मक रवैया नहीं दिखाया, जिसके बाद शिक्षकों ने कुछ समय के लिए भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया था। वहीं, डूटा 18 जनवरी को कुलपति कार्यालय के बाहर धरना देगा।