दिल्ली सरकार के स्कूलों में खसरा और रूबेला की रोकथाम के लिए अनिवार्य टीकाकरण अभियान को हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने कई नाबालिग छात्रों की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इस पर अगले आदेश तक अंतरिम रोक लगा दी है। सरकार ने सभी स्कूली छात्रों को अनिवार्य रूप से टीका लगाने का निर्देश दिया था, जबकि छात्रों का कहना है कि उन्हें यह टीका उनके माता-पिता की सहमति के बगैर लगाया जा रहा है, जबकि बहुत से छात्रों को यह टीका पहले ही लग चुका है।
न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने छात्रों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए, जहां एक ओर टीकाकरण अभियान पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। वहीं, दूसरी ओर इसकी रूपरेखा तैयार करने का निर्देश सरकार को दिया है। इस रूपरेखा में छात्रों के माता-पिता की सहमति अथवा असहमति को भी स्थान देने का निर्देश कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने इन याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख तय की है।
दिल्ली सरकार ने 19 दिसंबर 2018 को आदेश जारी कर राजधानी के स्कूलों में खसरा और रूबेला की रोकथाम के लिए अनिवार्य टीकाकरण करने का आदेश दिया था। सरकार ने इस संबंध में छात्रों के माता-पिता अथवा अभिभावकों की राय या सहमति नहीं ली थी। दूसरी ओर छात्रों का कहना है कि उन्हें यह टीका पहले लग चुका है। इसलिए अगर दोबारा टीका लगाया जाता है तो वह दवा का ओवरडोज हो जाएगा। इसलिए इस अभियान पर रोक लगाई जाए और माता-पिता की सहमति के बाद ही यह अभियान चलाया जाए ताकि वह स्कूल को टीका लगे होने की जानकारी दे सकें।