दिल्ली यूनिविर्सिटी की एक छात्रा ने अपनी मां के खिलाफ यौन प्रताड़ना और शारीरिक उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। अंग्रेजी वेबसाइट डेली मेल के मुताबिक लड़की को उसकी मां लंबे समय से प्रताड़ित करती रही है।
परेशान लड़की ने आखिर अदालत का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद घरेलू हिंसा के खिलाफ महिला संरक्षण्ा कानून की धारा 12 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।
लड़की का आरोप है कि वह बचपन से शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित की जाती रही है लेकिन शुरु में उसे लगा कि बच्चों को मां-बाप द्वारा पीटा जाना सामान्य बात है।
लड़की का कहना है कि जब वह बड़ी क्लास में गई तो उसे पता चला कि उसकी मां विकृत मानसिकता का शिकार है। वह अक्सर उसके साथ जबरदस्ती करती थी और प्राइवेट पार्ट को छूने की कोशिश करती थी।
कॉलेज जाने के साथ बढ़ी परेशानी
लड़की का आरोप है कि शुरु में वह अपनी मां का इरादा नहीं समझ सकी। यही कारण है कि उसकी मां उसे दोस्तों के साथ बाहर जाने व स्कूल की किसी भी गतिविधी में भाग लेने से मना करती थी।
यहां तक कि उसके मां-बाप उसके अध्यापकों और दोस्तों को उसे किसी तरह के आयोजन में शामिल न करने के लिए फोन तक करते थे।
पीड़िता का आरोप है कि उसके मां-बाप उसे घर में ताला बंद करके रखते थे और उसे कई दिनों तक स्कूल नहीं जाने देते थे। जैसे ही उसने कॉलेज जाना शुरु किया उसकी परेशानी और बढ़ गई।
पीड़िता का कहना है कि कॉलेज में जाते ही उसके लिए अवसरों के दरवाजे खुल गए। उसे कविता पाठ करना और नाटकों में भाग लेना बेहद पसंद है। अपने इसी शौक के चलते जल्द ही वह दिल्ली यूनिर्सिटी की पोएट्री स्लैम (कविता पाठ) ग्रुप की सक्रीय सदस्य बन गई।
पुलिस ने नहीं की मदद
उसके इस शौक पर लगाम लगाने के लिए उसके मां-बाप ने संचालकों को फोन किया और उनसे प्रार्थना की कि उनकी बेटी को इन गतिविधियों में भाग लेने से रोकें।
लड़की का आरोप है कि उसकी मां अक्सर उसका यौन शोषण करती थी और विरोध करने पर उसे प्रताड़ित करती थी। पीड़ित लड़की ने बताया कि उसकी मां उस पर दूसरे मर्दों के साथ सोने तक का आरोप लगाती थी।
लड़की का कहना है कि अपनी मां की हरकतों से परेशान होने के बाद उसने पुलिस में इसकी शिकायत करने का फैसला लिया। सबसे पहले वह रूप नगर थाने गई लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया।
पीड़िता ने नहीं मानी हार
पीड़िता ने हार नहीं मानी और एक बार फिर से उसने पुलिस में जाने का फैसला किया और सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन यहां भी उसे सफलता नहीं मिली।
पेरशान हो उसने दिल्ली के पुलिस कमीश्नर से इसकी शिकायत की। इसके बाद वह अपने मां-बाप से अलग अपनी सहेलियों के साथ रहने लगी। हालांकि इसके बाद उसकी मां ने उसे बेहद भद्दे मैसेज भेजना शुरु कर दिया।
फिलहाल मामला कोर्ट में है लेकिन मौजूदा कानून में लड़की की मां को प्रतिवादी बनाने के लिए प्रावधानों को खंगाला जा रहा है क्योंकि कानून में यौन शोषण के लिए महिला और वह भी मां को प्रतिवादी बनाने की संभावना न के बराबर है।