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डीयू : स्नातक दाखिले के पहले राउंड में सीटों से अधिक होंगे आवंटन

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सीटें खाली रहने की समस्या से निपटने की तैयारी
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक दाखिलों में पहले राउंड में सीटों से अधिक आवंटन की तैयारी कर रहा है। दाखिले में बार-बार सीटें खाली रह जाने की समस्या से निपटने के लिए यह फॉर्मूला अपनाया जाएगा। इसके तहत पहले दो राउंड में सीटों से अधिक आवंटन किए जाएंगे। जिससे बाद में छात्रों के सीट छोडऩे की स्थिति में भी कॉलेजों की अधिकांश सीटें भर सकें।
जिन कॉलेजों में अंत तक सीटें नहीं भरतीं वहां 80-100 फीसदी तक अतिरिक्त सीटों का आवंटन किया जाएगा। यह व्यवस्था उन कॉलेजों में लागू की जाएगी, जहां पिछले दो-तीन वर्षों से बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। दरअसल कई आउटर कॉलेजों और कुछ कोर्सेज (संस्कृत ऑनर्स, भूगलो ऑनर्स, साइंस के कुछ प्रोग्राम में अंतिम दौर तक सीटें खाली रह जाती हैं। यह रणनीति इसलिए भी अपनाई जा रही है जिससे कि पहले सीट आवंटन राउंड (16 जुलाई) और 25 जुलाई को दूसरे सीट आवंटन राउंड में अधिकतम सीटें भर जाएं और दाखिला प्रक्रिया लंबी न चले।
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दरअसल कई छात्र पहले आवंटित सीट स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन बाद में पसंदीदा कॉलेज या दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश मिलने पर सीट छोड़ देते हैं। इससे संबंधित कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं और बाद के चरणों में भी पूरी तरह नहीं भर पातीं। बीते साल विश्वविद्यालय ने सामान्य, ओबीसी और ईडब्लयूएस वर्ग की सीटों पर 20 फीसदी और एससी-एसटी वर्ग की सीटों पर 30 फीसदी तक अतिरिक्त दाखिले की अनुमति दी थी। इसके बावजूद कुछ आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों और चुनिंदा पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त रह गई थीं।
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वहीं, दाखिला प्रक्रिया अपेक्षाकृत देर से शुरू होने के कारण भी कई छात्र अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले लेते हैं। वहीं कई विद्यार्थियों को घर से काफी दूर स्थित कॉलेज आवंटित होने पर वे सीट स्वीकार नहीं करते। इन परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त आवंटन की रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे सीटें छोड़ने के बावजूद प्रवेश और सीटों का संतुलन बना रहे।
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