फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीयू में नॉर्थ-ईस्ट छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर पूर्व की लोगों पर होते हमलों को देख दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक अहम फैसला लिया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज ने उत्तर पूर्व की छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर एक छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन


सरकारी अध्यक्ष दीनबंधु साहू ने बताया कि उत्तर पूर्व की छात्राओं की सुरक्षा के लिए कॉलेज ने 250 बेड वाला एक छात्रावास बनाने का निर्णय लिया है। ताकि वहां से आने वाली छात्राओं को रहने के लिए बाहर जगह न ढूंढनी पड़ी। छात्रावास की शुरूआत 2016 में की जाऐगा।

इसके साथ ही साहू ने ये भी बताया कि कमरे उत्तर पूर्व के छात्राओं और शिक्षिकों को दिए जाऐगें। इसके अलावा अगर कमरे बच जाते है तो वो दूसरी छात्राओं को उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 3500 छात्राएं व्यूमन कॉलेज के विभिन्न स्नातक डिग्री में दाखिला ले चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

छात्राओं से होता है भेदभाव

साहू ने कहा कि कम पैसों में सभी सुविधाएं दी जाएगी। इसके अलावा मेहमानों के रहने की भी व्यवस्था की जाएगी। ताकि छात्राओं के घर से कोई मिलने आए तो उन्हें रहने के लिए कोई पर‌ेशानी न हो।

ऑलना गुलमेई ने ही इससे पहले उत्तर पूर्व की छात्राओं के लिए हेल्पलाइन की स्थापना की थी। गुलमेई ने बीचबारूऊ कमिट‌ी में यह आवाज उठाई थी कि किस तरह छात्राओं को घर की समस्या को दूर किया जाऐ।

क्योंकि घर की तलाश में  50 फीसदी छात्राओं के साथ भेदभाव किया जाता है। एक अन‌ुमान के हिसाब से डीयू में 1.8 लाख छात्राओं ने स्नातक और प‌रस्नातक में दाखिला लिया है। जबकि हॉस्टल में सिर्फ 9,000 सीट की ही सुविधा उपलब्ध है। एक अनुमान के अनुसार उत्तर पूर्व के 10000 छात्रों का दल उनकी क्षेत्रीय शिक्षा के बाद डीयू में पढ़ रहे है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें