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'खास' लोगों के लिए 'आप' ने बदली अपनी रणनीति

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दिल्ली में विधान सभा चुनाव कब होंगे यह अभी तय नहीं हुआ है लेकिन, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने इसके लिए कमर कस ली है। ऐसा लगता है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी ने इस बार उन मुद्दों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है जिसे असल में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान उठाया था।
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पिछले दिसंबर में हुए दिल्ली विधान सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बिजली की बढ़ती दर, वाटर टैक्स और भ्रष्टाचार तथा लोकपाल को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया था। लेकिन इस बार पार्टी ने इन मुद्दों के साथ दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने को भी अपना प्रमुख एजेंडा बना लिया है।

पार्टी के प्रमुख नेता आशुतोष ने एक ट्वीट कर इस बात का उल्लेख किया कि 'आप' दिल्ली को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाने का हर संभव प्रयास करेगी।

खास वर्ग को आकर्षित करने की ‌कोशिश

असल में स्मार्ट सिटी हो या बुलेट ट्रेन, ये ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें असल में भाजपा ने अपने चुनावी अभियान में उठाया था। इतना ही नहीं सरकार बनने के बाद पार्टी ने 100 स्मार्ट सिटी विकसित करने को अपना प्रमुख एजेंडा भी घोषित किया।

असल में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता और सफलता के पीछे निम्न मध्यम वर्ग के सहयोग को सबसे बड़ी वजह माना जाता है। पिछले विधान सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की झुग्गियों में जमकर प्रचार‌ भी किया।

केजरीवाल ने ऐसे कई मोहल्लों में जाकर खुद ‌बिजली बनेक्‍शन काटे जहां निम्न मध्यम वर्ग का जमावड़ा है। माना यह भी जाता है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी ने पिछले चुनावों में दिल्ली के उच्च मध्यम वर्ग की अनदेखी न की होती तो पार्टी को स्पष्‍ट बहुमत भी मिल सकता था।
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नकारात्मक राजनीति से बचने की कोशिश

ऐसे में वर्ल्ड सिटी के बहाने आम आदमी पार्टी असल में उस वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करना चाहती है जिसने पिछले चुनाव में उसकी अनदेखी कर दी थी।
 
ऐसे में आप की यह चुनावी होशियारी ‌उनके लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी यह तो चुनाव के बाद ही तय हो पाएगा। लेकिन आम आदमी पार्टी की यह चाल भी भाजपा के उस चाल की नकल ही लगती है जिसमें उसने गांधी से लेकर पटेल जैसे दिग्गज कांग्रेसी नेताओं और उनसे जुड़े आयोजनों पर ऐसा कब्जा किया कि कांग्रेस के भी पसीने छूट गए।

हालांकि माना यह भी जा रहा है कि केजरीवाल सीधे नरेंद्र मोदी से टक्कर नहीं लेना चाहते। किसी न किसी बात पर उनकी तारीफ करके केजरीवाल और उनकी पार्टी दिल्ली की जनता को यह संदेश भी देना चाहती है कि असल में वह आलोचना और नकारात्मक राजनीति की जगह विकास और उपलब्धियों पर आधारित सकारात्मक राजीनीति करना चाहते हैं।
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