सुनील पंवार उर्फ गुरुजी साउथ और नॉर्थ कैंपस के नेता टाइप छात्रों के लिए काफी जानामाना नाम है। महरौली निवासी 12वीं पास गुरुजी का ज्यादातर समय किसी न किसी कॉलेज के बाहर बीतता था।
छात्र ही नहीं कई कॉलेज का स्टाफ भी गुरुजी से अच्छी तरह वाकिफ है। अपनी इसी पहचान का फायदा उठाकर सुनील दाखिला न मिलने वाले छात्रों की जानकारियां जुटाकर उनसे सौदेबाजी करता था।
पुलिस सूत्रों की माने तो गुरुजी और उसके गैंग ने पिछले तीन सालों के दौरान डीयू के नामी कॉलेजों में सैकड़ों दाखिले कराए हैं। पुलिस इस बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।
गुरुजी ने खुलासा किया कि हौजरानी में रहने वाला बीए अंतिम वर्ष छात्र मो. जुबैर उनके गोरखधंधे में मदद करता था। उसके भी कई छात्र नेताओं से संबंध हैं।