विश्वविद्यालय ने ईंधन खपत घटाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ईंधन की बचत और सरकारी वाहनों के अधिक प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने स्टाफ कारों के संचालन संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर स्टाफ कारों के लिए निर्धारित मासिक पेट्रोल खपत सीमा में कटौती कर दी है।
नए नियमों के तहत प्रति वाहन पेट्रोल की अधिकतम खपत 250 लीटर प्रतिमाह से घटाकर 200 लीटर प्रतिमाह कर दी गई है। वहीं जिन वाहनों के लिए पहले 200 लीटर की सीमा तय थी, उसे कम कर 160 लीटर प्रतिमाह कर दिया गया है। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। अधिसूचना के अनुसार, स्टाफ कार सुविधा प्राप्त सभी अधिकारियों को जनवरी से अप्रैल की अवधि के आधार पर अपनी औसत पेट्रोल खपत का आकलन करना होगा और उस औसत की तुलना में कम से कम 20 प्रतिशत ईंधन बचत सुनिश्चित करनी होगी। यदि किसी वाहन की औसत खपत नई निर्धारित सीमा से कम है तो उसी औसत खपत को आधार मानकर नियम लागू किए जाएंगे।
डीटीयू ने यह कदम दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के निर्देशों के अनुपालन में उठाया है। विश्वविद्यालय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि स्टाफ कारों को कार्यालय या आधिकारिक ड्यूटी स्थल के निकटतम स्थान पर ही पार्क किया जाए, ताकि अनावश्यक आवागमन और ईंधन की बर्बादी रोकी जा सके। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन संचालित स्टाफ कारों के उपयोग और ईंधन खपत की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागों और कार्यालयों से आधिकारिक कार्यों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के उपयोग को बढ़ावा देने की भी अपील की है।