नोटबंदी का फायदा उठाकर दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अधिकारी-कर्मचारी पुराने 500 व 1000 रुपये के नोट बदल रहे हैं। डीटीसी बस यात्रियों से किराये के तौर पर पुराने नोट नहीं ले रही है, लेकिन बैंक में पुराने नोट जमा हो रहे हैं।
ऐसी शिकायत के बाद परिवहन मंत्री सत्येंद्र जैन ने डीटीसी बोर्ड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत के विषय में तीन दिन पहले भी डीटीसी अधिकारियों से मंत्री ने टेलीफोन पर बातचीत की थी। हालांकि जांच को समयबद्ध नहीं किया गया है।
परिवहन मंत्री ने आदेश में कहा है कि डीटीसी की तरफ से बैंकों में पुराने एक हजार व पांच सौ के नोट जमा करने की शिकायतें मिली हैं। जबकि यात्रियों से पुराने नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। तो ये पुराने नोट कहां से आ रहे हैं।