कई दशकों से शादियों में समाज और रिश्तेदारों द्वारा शुरू की गई परंपरा आधुनिक युग में लोगों को बेहद भा रही है। रिश्तेदारों द्वारा लड़की की शादी में किया जाने वाला कन्यादान का शगुन अब नए नोट के रूप में वरदान साबित हो रहा है।
दरअसल, हिंदू समाज में बेटियों की शादी में समाज के लोगों को बुलाया जाता है और जो भी शादी में शामिल होता है वह लड़की को बतौर आर्शीवाद एक शगुन देता है। जो बेटी की विदाई के दौरान बेटी का पिता कन्यादान के रूप में वर पक्ष को देता है।
दशकों पुरानी यह परंपरा इन दिनों लोगों को बेहद पसंद आ रही है। चूंकि जो भी रिश्तेदार और समाज के लोग हैं वह इस शगुन को नए नोट के रूप में दे रहे हैं। इससे शादियों में बेटी के कन्यादान की रस्म पूरी हो रही है। नए नोट शादी में सिर्फ शगुन के काम ही लिए जा रहे हैं। अब शादियों में कार और अन्य सामान का दिखावा बंद हो रहा है।