डीटीसी की आर्थिक हालत तेजी से सुधर रही है। पिछले वित्त वर्ष के नुकसान से उबरते हुए डीटीसी ने 2025-26 में अपनी मासिक औसत आय को 68.54 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 93.96 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है। परिवहन मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने इसे दिल्ली सरकार के बेहतर प्रबंधन और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने की नीतियों का नतीजा बताया।
दिल्ली परिवहन निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। इस साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच डीटीसी ने हर आय स्रोत पर बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसके चलते औसत मासिक आय बढ़कर 93.96 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह औसत सिर्फ 68.54 करोड़ रुपये था। मंत्री ने कहा कि डीटीसी अपने पुराने गौरव को फिर से हासिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। संसाधनों के प्रभावी उपयोग, पारदर्शी कार्यप्रणाली और बेहतर बस संचालन की वजह से राजस्व में लगातार मजबूती आ रही है।
यात्री टिकट से 220.33 करोड़ कमाए
अप्रैल से अक्टूबर के दौरान यात्री टिकट से डीटीसी को 220.33 करोड़ रुपये की कमाई हुई। पिंक टिकट सब्सिडी से 235.56 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई और महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मिली। मंत्री ने बताया कि इस योजना ने न सिर्फ महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया है, बल्कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता भी बढ़ाई है।
इस साल कुल 658 करोड़ रुपये आय
इस अवधि में स्पेशल हायर सेवाओं से आय बढ़कर 63.40 करोड़ रुपये हो गई। वहीं बस पास की बिक्री से 36.38 करोड़ रुपये जमा हुए। स्क्रैप बिक्री, एफडी ब्याज, किराया, विज्ञापन शुल्क और पेनल्टी जैसे अन्य स्रोतों से डीटीसी को 102.04 करोड़ रुपये की आमदनी मिली। इस साल इन सभी स्रोतों को मिलाकर अप्रैल से अक्टूबर के बीच डीटीसी की कुल आय 658 करोड़ रुपये दर्ज की गई।