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2025 में सड़कों पर नहीं दिखेंगी डीटीसी बसें

Thu, 13 Jul 2017 11:03 AM IST
बृजेश सिंह/अमर उजाला,नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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दुनिया की सबसे बड़ी प्रदूषण रहित परिवहन व्यवस्था का दावा करने वाली डीटीसी (दिल्ली परिवहन निगम) के पास 2025 में चलाने के लिए एक भी बस नहीं होगी। यह हम नहीं, हाल ही में हुई डीटीसी बोर्ड की बैठक में सदस्यों के सामने पेश रिपोर्ट में कहा गया है।
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बोर्ड बैठक में मौजूद सदस्यों ने इस पर चिंता जताते हुए इस स्थिति से सरकार को अवगत कराने का फैसला लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि डीटीसी के पास तब तक कुल 6517 कर्मचारी बचेंगे। इसमें 5052 स्थायी चालक होंगे।

दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क बढ़ने के बाद भी डीटीसी आज भी राजधानी की सड़कों पर सबसे ज्यादा यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचाती है। डीटीसी रोज औसतन 36 लाख से ज्यादा यात्रियों को बसों में सफर कराती है, मगर बीते पांच साल में डीटीसी के बेड़े में एक भी बस नहीं जुड़ पाई है।
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आखिरी बार 32 बसों का फ्लीट 2012 मार्च में डीटीसी में शामिल हुआ था। उसके बाद दो बार सत्ता में आ चुकी केजरीवाल सरकार ने दावे तो जरूर किए, मगर जमीनी हकीकत कोसों दूर है।
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मंत्रियों ने किए बड़े-बड़े दावे

डीटीसी बस
ढाई साल से सत्ता में काबिज केजरीवाल सरकार अपने तीन परिवहन मंत्री दिल्ली वालों को दे चुकी है। सभी मंत्रियों ने पद संभालने के बाद बसें लाने के बड़े-बड़े दावे किए, मगर अभी तक सरकार इस पर आगे नहीं बढ़ पाई है। नवनियुक्त परिवहन मंत्री ने फिर 1000 बसें इसी वर्ष के अंत तक लाने की बात तो कही है, मगर सूत्रों की मानें तो 2018 से पहले दिल्ली के बेड़े में बसें आ पाएंगी, यह कहना मुश्किल है।

2019 से ही हटने लगेगी बसें
दिल्ली में एक बस की उम्र 12 साल या फिर 7.50 लाख किलोमीटर की दूरी तय करने पर खत्म होती है। इन दो शर्तों में बस जो शर्त पहले पूरी करती है, उसी को आधार बनाकर उसे स्क्रैप की कैटिगरी में डाल दिया जाता है। उस आधार पर लो फ्लोर बसें जो 2007-08 में आई थीं, वह 12 साल के बाद 2019 नवंबर से हटने लगेंगी। इसी तरह 2024 तक सभी लो फ्लोर बसें सड़कों से हट जाएंगी। दिल्ली सरकार को अगले सात साल में दोबारा कम से कम इतनी बसें सड़कों पर लानी होंगी।

डीटीसी खत्म करना चाहती है सरकार
मौजूदा सरकार डीटीसी को खत्म करना चाहती है। बीते कुछ समय से डीटीसी को लेकर सरकार का जो रवैया रहा है, उससे नहीं लगता कि वह नई बसें लेकर आएगी। डीटीसी दिल्ली के परिवहन व्यवस्था की लाइफलाइन है। सरकार उसे खत्म कर जनता की मुश्किल बढ़ाना चाहती हैै। वह डीटीसी के करोड़ों की जमीन को निजी कंपनियों को सौंपना चाहती है।-ओम प्रकाश बैरवा, संयोजक, दिल्ली परिवहन मजदूर संघ       

फैक्ट फाइल
3781 बसें डीटीसी की
1275 वातानुकूलित बसें
2506 सामान्य लो फ्लोर बसें
36 लाख से ज्यादा रोज करते हैं सफर

किस वर्ष आई बसें   बस संख्या   इस वर्ष होंगी स्क्रैप
2007-08                159            2019      
2008-09                491            2020-21      
2009-10              1254            2022-23      
2010-11              1845            2023      
2012-13                  32            2024      
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