राजधानी की सभी डीटीसी व क्लस्टर बसों में कॉमन मोबिलिटी कॉर्ड (मेट्रो स्मार्ट कॉर्ड से बस में किराया भुगतान) की सुविधा एक अप्रैल से लागू नहीं हो पाएगा। कारण इसके लिए जरूरी सिक्योर एक्सेस मॉड्यूल (सैम) चिप अभी तक इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन में नहीं लग पाया है।
नतीजतन अभी सभी बसों में मेट्रो स्मार्ट कॉर्ड से किराया भुगतान के लिए दिल्लीवालों को इंतजार करना पड़ेगा। वर्तमान में 250 बसों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह सुविधा चालू है।
दरअसल आठ जनवरी 2018 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 250 बसों में कॉमन मोबिलिटी कॉर्ड की सुविधा का उद्घाटन किया था। इसमें 200 बसें डीटीसी की और 50 क्लस्टर की बसें शामिल थी।
उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक अप्रैल से दिल्ली की बाकी बसों में यह सुविधा शुरू कर दी जाएगी। मगर परिवहन विभाग एक अप्रैल से यह व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार नहीं है।
परिवहन अधिकारियों के मुताबिक अभी इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। मगर हम अप्रैल माह के अंत तक यह सुविधा शुरू कर देंगे। बताया जा रहा है कि सैम चिप आ चुकी है, लेकिन इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) में अभी तक नहीं लग पाया है, जिसकी वजह से देरी हो रही है। डीटीसी का सैम चिप के साथ ईटीएम मशीन उपलब्ध कराने वाली कंपनी के बीच कुछ विवाद है जिसके चलते यह तारीख आगे बढ़ गई है।
250 सों में रोजाना 250 यात्री नहीं मिल रहे
दिल्ली में 200 डीटीसी और 50 क्लस्टर बसों में मेट्रो के स्मार्ट कॉर्ड से भुगतान की सुविधा है। यह बसें अलग-अलग 11 से अधिक रूट पर चलती है। मगर इसमें अब भी रोजाना औसतन 100 यात्री ऐसे है जो कि इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे है। यानि रोजाना एक बस में एक भी व्यक्ति इसका प्रयोग नहीं कर रहा है। कारण यात्रियों में इस सुविधा को लेकर कोई जागरूकता नहीं है। कंडक्टर भी यात्रियों को इस बारे में नहीं बताते है।