डीएसजीएमसी चुनाव : सिरसा समर्थित अकाली दल (दिल्ली प्रदेश) ने हासिल की जीत, विरोधी पक्ष ने किया बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के पदाधिकारियों व कार्यकारिणी के सदस्यों के चुनाव में एक बार फिर दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिरसा समर्थित अकाली दल (दिल्ली प्रदेश) ने जीत हासिल की है। सरदार हरमीत सिंह कालका को दोबारा अध्यक्ष और सरदार जगदीप सिंह काहलों को महासचिव चुना गया है। उनके साथ अन्य पदों पर भी निवर्तमान पदाधिकारी एक बार फिर चुने गए। हालांकि, कार्यकारिणी में 10 में से तीन सदस्य नए भी चुने गए है। चुनाव गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के कॉन्फ्रेंस हॉल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में और गुरुद्वारा चुनाव निदेशक की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने चुनाव का बहिष्कार किया।
चुनाव में सरदार हरविंदर सिंह केपी को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सरदार आत्मा सिंह लुबाना को उपाध्यक्ष और सरदार जसमेंन सिंह नोनी को सचिव चुना गया। ये वर्तमान में भी इन पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहीं, कार्यकारिणी समिति में सरदार अमरजीत सिंह पिंकी, अमरजीत सिंह पप्पू, बीबी रंजीत कौर, सरबजीत सिंह विरक, बलबीर सिंह विवेक विहार, जसबीर सिंह जसी, गुरमीत सिंह भाटिया, सुरजीत सिंह जीतती, रमिंदर सिंह स्वीटा और भूपिंदर सिंह भुल्लर निर्वाचित हुए। इनमें अमरजीत सिंह पप्पू, गुरमीत सिंह भाटिया व रमिंदर सिंह स्वीटा पहली बार चुने गए है। जबकि अन्य सातों सदस्य दोबारा चुने गए।
चुनाव प्रक्रिया से पहले ज्ञानी दिलबाग सिंह ने अरदास की और तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलदेव सिंह ने हुकमनामा लिया। बाद में उन्होंने ज्ञानी गुरदयाल सिंह के साथ मिलकर नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। चुनाव के बाद नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया कि पिछली सभी उपसमितियों को भंग किया जाएगा और उनके कार्यों का अधिकार अध्यक्ष एवं महासचिव के पास रहेगा। नई समितियों का पुनर्गठन जल्द किया जाएगा।
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विरोधी दल ने बहुमत न होने पर चुनाव का बहिष्कार किया : कालका
चुनाव के बाद अध्यक्ष कालका और महासचिव काहलों ने कहा कि उनकी टीम को संगत का निरंतर सहयोग मिल रहा है और यह चुनाव उसी विश्वास का परिणाम है। उन्होंने विरोधी पक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरदार परमजीत सिंह सरना और सरदार मनजीत सिंह जीके को पहले से ही मालूम था कि उनके पास जरूरी बहुमत नहीं है, इसलिए उन्होंने चुनाव का बहिष्कार किया। कालका व काहलों ने कहा कि वर्तमान टीम ने गुरुद्वारा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में पारदर्शिता और सेवा भाव के साथ कार्य किया है। बाला साहिब अस्पताल की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और संगत को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।