दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अब घंटो दवा लेने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के बाद दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में दवा काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों का हल निकाला है। विभाग के अनुसार, एक नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जिसकी मदद से मरीजों को दवा लेने के लिए इंतजार नहीं करना होगा। जब वे डॉक्टर के कक्ष से निकलेंगे तब तक उनकी दवाओं की सूची फार्मासिस्ट तक पहुंच जाएगी। मरीज का क्रम आने पर उसका पता देख दवा आसानी से फार्मेसी की खिड़की से उपलब्ध होगी।
हालांकि जमीनी स्तर पर देखें तो स्वास्थ्य विभाग का ये दावा पूरा होता दिखाई नहीं देता। अभी तक दिल्ली सरकार ने कई तरीकों से अस्पतालों में दवाओं का झंझट दूर करने का दावा किया है, लेकिन किसी में भी सफलता नहीं मिली। अस्पतालों में फार्मासिस्ट के खाली पद और मरीजों की बढ़ती भीड़ पर सरकार नियंत्रण नहीं लगा पा रही है।
अब इस नए सॉफ्टवेयर के जरिये मरीजों का रजिस्ट्रेशन होगा और इसके जरिये ही डॉक्टरों तक मरीजों की डिटेल पहुंचेगी। मरीज को चेक करने के बाद डॉक्टर सॉफ्टवेयर में उनकी दवाओं की लिस्ट तैयार करेंगे और वहीं से उसे फार्मेसी में भेज देंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ कीर्ति भूषण का कहना है कि सॉफ्टवेयर का फायदा यह होगा कि मरीजों के फार्मेसी तक पहुंचने और उनका नंबर आने से पहले ही उनकी दवाएं तैयार कर दी जाएंगी। जब मरीज का नंबर आएगा तो उसका नाम और पता पूछ कर वह दवाएं उन्हें सौंप दी जाएंगी। इसके लिए कुछ अन्य स्टाफ की भी जरूरत पड़ेगी, जिसकी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिसंबर तक यह सुविधा लोगों को मिलने लगेगी।
रिपोर्ट भी मिलेगी ऑनलाइन
डॉ. भूषण के मुताबिक, अब मरीजों की जो भी रिपोर्ट होगी, वह इसी सॉफ्टवेयर के जरिये ऑनलाइन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए मरीजों या तीमारदारों को एक लॉग इन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। वह जिस भी डॉक्टर के पास जाएंगे, उन्हें अपनी लॉग इन आईडी और पासवर्ड दे देंगे, जिसके बाद डॉक्टर ऑनलाइन रिपोर्ट देख लेंगे। यदि मरीज खुद ऑनलाइन रिपोर्ट देखना चाहते हैं तो वह कंसलटेंट से मदद लेकर रिपोर्ट देख सकेंगे।