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दिल्ली में 200 फीसदी बढ़ गया ड्रग्स का कारोबार, इस साल पकड़ी 615 किलो हेरोइन

Wed, 27 Nov 2019 03:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा शुजात आलम, नई दिल्ली
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हेरोइन ड्रग - फोटो : सोशल मीडिया
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दिल्ली पुलिस के लाख प्रयासों के बाद भी राजधानी में नशे का कारोबार तेजी बढ़ा है। नशे के सौदागर नए-नए रास्तों से दिल्ली ही नही बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में ड्रग्स तस्करी कर पहुंचा रहे हैं। 

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इन तस्करों के पास से बरामद ड्रग्स के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्ष 2019 में हेरोइन तस्करी करीब 200 फीसदी से अधिक बढ़ी है। वर्ष 2018 में जहां 227 किलोग्राम हेरोइन तस्करों से बरामद की गई थी, अब यह आंकड़ा बढ़कर वर्ष 2019 में 615 किलो से अधिक पर पहुंच गया है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद हेरोइन की कीमत को 2460 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। ड्रग्स की बढ़ी हुई तस्करी के मामले में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की मुस्तैदी की वजह से ड्रग्स की बरामदगी ज्यादा हुई है। पुलिस ने इस साल 648 मामले दर्ज कर कुल 830 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भारत में मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्ती के बाद तस्करों ने नए-नए अंतरराष्ट्रीय रूट से ड्रग्स को भारत में लाना शुरू कर दिया। उत्तर-पूर्वी राज्यों में पहुंचने के बाद मादक पदार्थों को तस्कर देश के दूसरे हिस्सों में सप्लाई कर रहे हैं। 

स्पेशल सेल और अपराध शाखा की टीमें लगातार इन ड्रग्स तस्करों पर नजर रखकर इनकी गिरफ्तारी करती है। वर्ष 2019 में दिल्ली पुलिस ने 30 से अधिक बड़े ड्रग्स के नेटवर्क का खुलासा किया। इसी कड़ी में पुलिस ने 648 एश्फआईआर दर्ज कर 830 लोगों को गिरफ्तार किया है। 

पिछले साल 507 मुकदमे दर्ज कर 677 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2019 के आंकड़े 31 अक्तूबर तक के हैं। आगे दो माह में मादक पदार्थों की बरामदगी और भी बढ़ेगी।

पहले पारंपरिक मार्गों से होती थी मादक पदार्थों की तस्करी
भारत में ड्रग्स तस्करी पहले पारंपरिक मार्गों से होती थी। इनमें गोल्डन क्रीसेंट और गोल्डन ट्राइएंगल प्रमुख थे। गोल्डन क्रीसेंट में तस्कर अफगानिस्तान से वाया पाकिस्तान और फिर भारत मादक पदार्थ लेकर आते थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन मादक पदार्थों से मिलने वाले पैसे को आतंक के लिए इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आने के बाद इस रूट को बंद कर दिया गया। 

बाद में गोल्डन ट्राइएंगल यानी थाईलैंड, लाओस और म्यांमार के रास्ते मादक पदार्थों को भारत में लाया जाने लगा। इस रूट को भी बाद में बंद करना पड़ा। मौजूद समय में ड्रग्स तस्कर नेपाल वाया बांग्लदेश और म्यांमार के रास्ते भारत में मादक पदार्थ ला रहे हैं। यहां से मादक पदार्थों को उत्तर-पूर्वी राज्यों में लाकर भारत के विभिन्न इलाकों में भेज दिया जाता है। नेपाल की खुली सीमा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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 2018            2019
केस दर्ज            507            648
व्यक्ति गिरफ्तार            677            830

बरामद ड्रग्स
चरस                14.220        46.171 (किलोग्राम)
गांजा                4292            4130 (किलोग्राम)
हेरोइन                227            615 (किलोग्राम)
पॉपी हेड            1529            1696 (किलोग्राम)
कोकीन                1.234        0.641 (किलोग्राम)
(नोट : वर्ष 2019 के आंकड़े 31 अक्तूबर तक के ही हैं)

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