मोहननगर पर लेफ्ट फ्री सिस्टम फेल होने के मामले में ट्रैफिक पुलिस ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में सिस्टम फेल होने की दो वजहें बताई गईं हैं।
साथ ही निर्माणाधीन मेट्रो रूट के कारण सुझाव दिया गया है कि मोहननगर चौराहे के पास एक अंडरपास की फिजिबिलिटी देखी जाए, ताकि आगे दिक्कत न हो।
ट्रैफिक वॉल्यूम: वसुंधरा और गाजियाबाद से आने वाले ट्रैफिक को हिंडन एयरफोर्स रोड से निकाला गया था। वसुंधरा से चार लेन और गाजियाबाद से छह लेन ट्रैफिक था, जबकि हिंडन एयरफोर्स रोड चार लेन है। चार लेन पर 10 लेन का ट्रैफिक आया, जिससे व्यवस्था फेल हो गई।
भारी वाहनों को राजेंद्र नगर जैसे कई रेजिडेंशियल एरिया से निकालना पड़ा था। इससे रेजिडेंट्स को भी दिक्कत हो रही थी और रोड संकरी होने के कारण जाम भी लग रहा था।
मोहन नगर चौराहे को सिग्नल फ्री करने और 24 घंटे में ही यू-टर्न लेने के बाद अब जीडीए ने नए सिरे से प्लान तैयार कराने की कवायद शुरू की है। जीडीए ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट से चौराहे को सिग्नल फ्री करने का नया प्लान मांगा है।
दिल्ली से सीआरआरआई की टीम बृहस्पतिवार को जीडीए पहुंची। जीडीए अधिकारियों ने टीम को सिग्नल फ्री प्लान से लगे जाम और इसके बाद लोगों से मिले सुझावों से अवगत कराया।
मोहन नगर चौराहे को जाम फ्री करने पर जीडीए ने करीब 10 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जीडीए मुख्य अभियंता वीके गोयल ने बताया कि नया डिजाइन मिलने पर इसका प्रेजेंटेशन कराएंगे।