परिवहन विभाग अब ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) लेने के लिए प्रशिक्षण को अनिवार्य करने जा रहा है। मार्च से नए नियम लागू करने की तैयारी है।
अब डीएल बनवाने के लिए ड्राइविंग कालेजों से ट्रेनिंग लेनी होगी। अभी तक केवल कामर्शियल लाइसेंस के लिए ही इसकी जरूरत होती थी।
परिवहन विभाग का प्रयास है कि रोड एक्सीडेंट में कमी लाई जाए। घरेलू वाहन चलाने वालों को भी कामर्शियल की तर्ज पर ही प्रशिक्षण दिया जाए। बिना ट्रेनिंग किए किसी को स्थायी लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
लर्निंग डीएल वाहन चलाना सीखने के लिए दिया जाता है। लर्निंग डीएल वालों को अपने वाहन पर एल लिखकर चलाना होता है। इस दौरान इनकेसाथ स्थायी या कामर्शियल डीएल वाले एक चालक का होना जरूरी होता है।
एक से छह माह के प्रशिक्षण के बाद इनको स्थायी डीएल दिया जाता है। ज्यादातर लोग बिना वाहन चलाना सीखे और बिना नियम-सुरक्षा गाइडलाइन की जानकारी किए ही 30 दिन बीतने पर अपना डीएल स्थायी करा लेते हैं।
अब स्थायी डीएल के लिए व्हीकल ट्रेनिंग कॉलेज से प्रशिक्षण अनिवार्य करने की तैयारी है। लर्निंग डीएल को तब तक स्थायी नहीं किया जाएगा, जब तक आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग कॉलेज का सर्टिफिकेट नहीं होगा।
आरआई सुहैल अहमद ने बताया कि नए नियमों को मार्च से लागू करने की तैयारी है। इससे सफर ज्यादा सुरक्षित हो सकेगा।
कौशांबी बस अड्डे का होगा कायाकल्प
कौशांबी बस अड्डा जल्द ही नए रंग-रूप में नजर आएगा। यहां बसों के साथ यात्रियों को खरीदारी, मनोरंजन, खानपान की सुविधाएं मिलेंगी।
सोमवार को जीडीए सभागार में निजी कंसलटेंट कंपनी ने कायाकल्प का खाका पेश किया। जीडीए वीसी और अन्य अफसरों ने प्रेजेंटेशन के बाद सुझाव दिए। जल्द ही दूसरे चरण का प्रेजेंटेशन होगा।
प्रदेश सरकार ने राज्य के चुनिंदा बस अड्डों का हालात सुधारकर मॉडल बस अड्डों के रूप में बदलने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में कौशांबी अंतर्राज्यीय बस अड्डा के कायाकल्प की योजना बनाई है।
प्रेजेंटेशन में बस डिपो की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में ऊपर शापिंग कांप्लेक्स बनाया जाएगा। इसमें मनोरंजन, होटल, वेटिंग रूम की सुविधाएं होंगी।
डिपो पर वाहन पार्किंग और हाट भी बनाई जाएगी। चीफ इंजीनियर एसके द्विवेदी ने बताया कि जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
16 में 12 आपत्तियों की सुनवाई
आवास विकास परिषद की वसुंधरा योजना के सेक्टर सात और आठ की करीब 102 एकड़ जमीन का लैंडयूज मिक्सड करने की आपत्तियों पर सोमवार को जीडीए में सुनवाई हुई।
जीडीए सभागार में अपरान्ह तीन बजे लैंडयूज चेंज के लिए गठित कमेटी ने आपत्तियों की सुनवाई शुरू की। सोमवार को कुल 16 में 12 आपत्तियों की सुनवाई की गई। बाकी चार आपत्तियों की सुनवाई की डेट जारी होगी।