एक ओर बृहस्पतिवार सुबह जहां चेन्नई में ट्रेन में बम ब्लॉस्ट हुए वहीं गोरखपुर में एक बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते बच गया। दरअसल ट्रेन के ड्राइवर ने बिना किसी सूचना के अचानक ट्रेन रोक दी थी।
असल में वह अपने एक जानकार को ट्रेन में बिठाना चाहता था, वह भी ऐसे जगह जहां ट्रेन नहीं रुकती। लेकिन उसने ट्रेन रोककर अपने जानकार को बिठाया।
यही नहीं जब टीटीई ने इस बात का विरोध किया तो उसने टीटीई के साथ मारपीट भी शुरू कर दी। सबसे ज्यादा मुसीबत तब बढ़ गई जब मारपीट के बाद उसने ट्रेन आगे ले जाने से मना कर दिया।
आनंद विहार थाने में मारपीट की शिकायत
गोरखपुर से शुरू हुआ विवाद आनंद विहार रेलवे स्टेशन पहुंचते ही मारपीट में बदल गया। मामले की सूचना मिलते ही आनंद विहार, रेलवे थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अन्य रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में मामले को शांत करा दिया गया।
दोनों ही पक्षों की तरह से पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी। दोनों पक्षों का कहना था कि मामले को गोरखपुर में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। वहीं पर इसका फैसला होगा।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। छानबीन कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। छानबीन की जा रही है, जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर प्रीमियम एक्सप्रेस की है घटना
सूत्रों के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह गोरखपुर प्रीमियम एक्सप्रेस गोरखपुर से दिल्ली आ रही थी। रास्ते में ट्रेन के चालक मनोज ने अपने कुछ लोगों को ट्रेन में चढ़ाने का प्रयास किया।
इस बात का टीटीई इरशाद अहमद ने विरोध किया। रास्ते में दोनों के बीच कहासुनी हुई। लेकिन अन्य स्टाफ के कहने पर मामला शांत करा दिया गया। आनंद विहार पहुंचते ही दोनों के बीच एक बार फिर बहस हो गई। नौबत मारपीट की आ गई।
झगड़े के दौरान किसी ने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस और आनंद विहार रेलवे स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दोनों ने ही अपनी शिकायत पुलिस को देने से मना कर दिया।