जी सतीश रेड्डी ने बताया कि इस अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध नि:शुल्क हैं। इसके साथ ही सेना के जवान दिन रात अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए तैयार हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड-19 अस्पताल के निर्माण के लिए एक कचरा डंपिंग भूमि को समतल और साफ किया गया है।
उन्होंने बताया कि डीआरडीओ ने कोरोना से लड़ने के लिए मेड इन इंडिया के तहत अब तक 70 उत्पादों का निर्माण किया है। चेयरमैन ने दावा किया कि जरूरत पड़ने पर डीआरडीओ प्रति महीने 25000 वेंटिलेटर तैयार कर सकता है। डीआरडीओ उनका निर्यात करने के लिए भी तैयार है।
डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि इस अस्थाई अस्पताल में कुल 1000 बिस्तरों की व्यवस्था होगी, जिनमें से 250 आईसीयू बेड होंगे।
बता दें कि राजधानी में शनिवार को कोरोना का रिकवरी दर 70 फीसदी से अधिक हो गया। बीते पांच दिन में ही 12 हजार से अधिक मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। इस पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के दो करोड़ लोगों की मेहनत रंग ला रही है। इसके लिए सभी कोरोना वॉरियर्स बधाई के पात्र हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को कोरोना वायरस के 2505 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 55 लोगों की मौत हो गई है। राजधानी में शनिवार को 2632 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इसी के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 97200 हो गई है।
दिल्ली में अब तक 68256 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। कोरोना वायरस से राजधानी में अब तक कुल 3004 लोगों की मौत हो चुकी हैं। दिल्ली में अभी 25940 सक्रिय मामले हैं।