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दिल्ली: कागजों में नालों की सफाई, हकीकत में कई गंदगी से अटे पड़े

Sun, 28 Jul 2019 07:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली  
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ताजमहल के पूर्वी गेट के पास नाला - फोटो : अमर उजाला
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कागजों में दिल्ली के नालों की पूरी तरह से सफाई हो गई है। नगर निगम से लेकर पीडब्ल्यूडी और बाढ़ नियंत्रण सिंचाई से लेकर जल बोर्ड सहित सभी महकमों के अधिकारियों ने तो बाकायदा अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि उनके इलाके में नाले सौ फीसदी साफ हो गए हैं। 

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अमर उजाला ने विभागों के इस दावे की पड़ताल की तो देखा कि नाले पहले से भी ज्यादा गंदगी से अटे पड़े हैं। कई नाले पूरी तरह से बंद है। गौरतलब है कि बंद पड़े नालों की वजह से बीते तीन दिनों में किराड़ी में दो लोगों की डूबने से मौत हो चुकी ह्रै। 

नालों की ठीक से सफाई नहीं होने से जगह-जगह जलभराव होने से हादसों की आशंका बढ़ गई है। वहीं विभागीय अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मानसून की शुरुआत से पहले तीनों एमसीडी ने नालों की सफाई का काम शत प्रतिशत करने का दावा किया था। 
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नालों से गाद निकालने की जिम्मेवारी एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, बाढ़ नियंत्रण, दिल्ली जल बोर्ड सहित अन्य विभागों की है, लेकिन सफाई होने की वजह से हादसों का खतरा बढ़ गया है। 

पूर्वी दिल्ली के पुश्ता रोड स्थित रानी गार्डेन के पास के नाले में कचरा, प्लास्टिक इतनी अधिक मात्रा में हैं कि पानी की  निकासी नहीं होती है। इसके पास ही मुख्य सड़क पर भी एक नाले में कचरा इतना अधिक भर गया है कि इससे पानी की निकासी नहीं हो रही है। 

नतीजतन, एक-डेढ़ घंटे की लगातार बारिश से सड़क और आसपास के इलाके में भी जलभराव की समस्या पैदा होती है। नालों से निकासी का इंतजाम न होने की वजह से सड़क के पास की कॉलोनियों और घरों से भी जलभराव की समस्या दिनोंदिन गहरी होती जा रही है। 

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करोड़ों खर्च के बाद भी समाधान नहीं

राजधानी में जगह जगह जलभराव की समस्या से निपटने में नाकाम विभाग अब अपनी जिम्मेवारियां एक दूसरे पर थोपना शुरू कर दिया है। जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लेने के बाद हादसों की आशंका और बढ़ती जा रही है। नालों की सफाई के लिए कर्मियों, मशीनों के अलावा अन्य मदों में होने वाले करोड़ों के खर्च पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीडब्ल्डी ने मौसम से पहले कुछ जगहों से शिकायतें मिलने पर नालों से गाद निकालने का काम पूरा होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और बयां कर रही है। 

50 हजार मीट्रिक टन गाद निकालने के दावे नाकाफी, फिर गहराई समस्या
इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से जुलाई के पहले सप्ताह के आंकड़ों के मुताबिक शाहदरा उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र के 222 नालों से गाद निकालने का काम तय लक्ष्य से भी अधिक  कर दिया गया। इस दौरान कुल 122 किलोमीटर के दायरे में नालों से गाद निकालने का काम पूरा करने के दावे किए गए हैं। इन नालों से अक्तूबर, 2018 से 24 जून, 2019 तक 50 हजार मीट्रिक से अधिक गाद निकाला गया। लेकिन, गाद निकालने के बाद लैंडफिल साइट तक पहुंचाने में देरी के कारण दोबारा मलबा उन नालों में ही पहुंचने की वजह से हालात में कोई सुधार नहीं है। 

क्या कहते हैं अधिकारी...
. पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मुख्य अभियंता पीके खंडेलवाल अब तक नालों से कुल 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक गाद निकालने का काम पूरा कर लिया गया है। नालों की सफाई के बाद इस तरह की समस्या पैदा नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है। नालों के ऊपरी हिस्सों में कुछ गंदगी तैरती हुई नजर आती हैं, लेकिन इससे पानी की निकासी में किसी तरह की समस्या न आए, इसका खास ध्यान रखा जाता है।

. पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ पीके वत्स ने बताया कि नालों से गाद निकालने का काम पूरा कर लिया गया है। इस संबंध में मिलने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। 
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