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आम्रपाली के निदेशकों ने प्रोफेशनल फीस के बहाने हड़पे करोड़ों

Sun, 28 Jul 2019 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुशील पांडेय, नोएडा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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आम्रपाली के फ्लैट खरीदार हक के लिए सड़क पर जमकर प्रदर्शन कर रहे थे और अदालत भी बिल्डर पर दबाव बना रही थी। दूसरी ओर 2018 तक आम्रपाली के निदेशक और उनसे जुड़े लोग पैसे की बंदरबांट करने में लगे थे। 

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निदेशकों ने प्रोफेशनल फीस के नाम पर फ्लैट खरीदारों के करोड़ों रुपये हड़प लिए और उससे संपत्ति खरीदी व शान शौकत पर खूब खर्च किया। आम्रपाली के फॉरेंसिक ऑडिट और कोर्ट के अवलोकन के बाद यह खुलासा हुआ है।

दरअसल, आम्रपाली के निदेशकों ने सैलरी और प्रोफेशनल फीस के नाम पर करोड़ों रुपये कंपनी से लिए। जबकि नियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक ही समय पर किसी एक कंपनी से सैलरी और प्रोफेशनल फीस एक साथ नहीं ले सकता है, लेकिन आम्रपाली के निदेशकों ने इसमें नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की। 
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सैलरी, प्रोफेशनल फीस, खर्च का भुगतान, लग्जरी कारों का उपयोग, कंपनी से खुद के लिए और परिवार से जुड़े लोगों के लिए लोन और एडवांस के अलावा अपनी बनाई कंपनी तक को फायदा पहुंचाया गया। यह सब पैसा फ्लैट खरीदारों का था। प्रोफेशनल फीस के नाम पर बिना एग्रीमेंट के ऐसे पैसे का डायवर्जन खुद व जुड़े लोगों के लिए किया गया। 

वहीं, रिपोर्ट में बताया गया है कि निदेशकों व उनसे जुड़े साझेदारों ने फ्लैट खरीदारों के भरोसे को तोड़ा है। उन्होंने फंड का ट्रांसफर ऐसी कंपनियों में किया, जिससे निदेशक, परिवार के सदस्य और अन्य लोग कहीं न कहीं से जुड़े थे। एक्लव्य बिल्डिंग सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड ने गोवा में संपत्ति खरीदने में 2 करोड़ रुपये खर्च किए जो आम्रपाली समूह से मिले थे।
 

64 करोड़ रुपये निदेशकों ने खुद ही किए डायवर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल शर्मा ने 37.67 करोड़, शिवप्रिया ने 18.06 करोड़ और अजय कुमार ने 8.23 करोड़ अलग-अलग मद में खुद पर और दूसरों को देने के लिए खर्च किए जो फ्लैट खरीदारों के पैसे थे। अनिल ने संपत्ति के लोन भुगतान में 69 लाख, शेयर में 5.96 करोड़, ज्वेलरी में 3.39 करोड़, कार में 56 लाख, इंश्योरेंस पर 1.82 करोड़, बेटी की शादी में 1.35 करोड़, दो कंपनियों को 48 लाख ट्रांसफर, दूसरे लोगों को 18 लाख ट्रांसफर और परिवार के सदस्यों को 10.7 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसी तरह से शिवप्रिया ने म्यूचुअल फंड में 8.86 करोड़, एलआईसी में 3.49 करोड़ प्रोपर्टी खरीदने में 1.10 करोड़, कार, घड़ियां, ज्वेलरी, फर्नीचर सहित अन्य में करोड़ों रुपये खर्च किए।

पैसे किसे दिए, नहीं हुआ खुलासा
कई मामलों में आम्रपाली समूह से निदेशकों ने पैसे निकाले और ऐसे लोगों को पैसे दिए, जिसका खुलासा नहीं हो पाया है। जून 2008 से मई 2012 तक अनिल शर्मा ने 10.38 करोड़ कंपनी से निकाले, लेकिन यह पैसे उसने कहां दिए, इसका पता नहीं चल पाया।

पैसे डायवर्ट करने के लिए बना दी कंपनी
संपत्ति खड़ी करने के लिए कई कंपनियां बना दी गईं। प्रमोटर डायरेक्टर और उनके परिवार के सदस्य कंपनी में शेयर धारक बन गए। खास बात यह कि इसके लिए उन्होंने एक भी पैसा निवेश नहीं किया। फ्लैट खरीदारों का पैसा इन कंपनियों में डायवर्ट किया जाने लगा और इस पैसे से ही शेयर खरीदे जाने लगे, ताकि संपत्ति में शेयर धारक बन सकें। इसमें हेल्थ केयर, फाइव स्टार होटल और इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट आदि शामिल रहे।

नोट बंदी के दौरान खाते में कहां से आए करोड़ों
नोटबंदी के दौरान 2016 में अनिल के खाते में 5.73 करोड़ और शिवप्रिया के खाते में 6 करोड़ रुपये जमा हुए। इस पैसे के स्रोत का पता नहीं चल पाया। इस बारे में कोई खुलासा भी नहीं हो पाया।
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आम्रपाली आद्या ट्रेडिंग के साथ क्या है संबंध

आम्रपाली आद्या ट्रेडिंग के साथ 2.65 करोड़ का लेनदेन 2014 से 2016 के बीच कई बार में किया गया, लेकिन इस लेनदेन को लेकर संबंधों का खुलासा नहीं हो पाया। यही नहीं बताया गया कि उक्त कंपनी के साथ आम्रपाली समूह का क्या संबंध है।

यह होती है प्रोफेशनल फीस
किसी भी कंपनी में बड़े कार्यों के दौरान कुछ मामलों में निपुण और अनुभवी लोग (प्रोफेशनल) नियुक्त किए जाते हैं, जो अलग-अलग चरण में अपने सलाह से काम को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। इस सलाह के आधार पर उनको एक तयशुदा रकम फीस के तौर पर दी जाती है। इसे प्रोफेशनल फीस कहा जाता है। इन्हें कंपनी में कंसलटेंट आदि की भी संज्ञा दी जाती है।

किसने कितने पैसे प्रोफेशनल फीस के नाम पर लिए
- अनिल कुमार शर्मा-29.13 करोड़
- शिवप्रिया-26.43 करोड़
- अजय कुमार-5.76 करोड़
- सुवास चंद्र कुमार-5.11 करोड़
- अमरेश कुमार-68.11 लाख
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