यमुना प्राधिकरण के सीईओ ने हर सेक्टर के प्लान में कराया शामिल। हर ब्लॉक में रोजमर्रा की सेवाओं के लिए एक एकड़ जमीन होगी।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा से सबक लेते हुए यमुना प्राधिकरण दो नई शुरुआत करने जा रहा है। हर सेक्टर में डबल बेसमेंट पार्किंग और रोजमर्रा की सेवाओं के लिए जमीन छोड़ी जाएगी, ताकि भविष्य में जब लोग यहां रहें तो उन्हें दिक्कत न हो।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह के नेतृत्व में सोमवार को हुई बैठक में यमुना प्राधिकरण के सेक्टरों के प्लान पर चर्चा की गई। इस दौरान सीईओ ने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि हर सेक्टर में 2500 वर्ग मीटर और इससे अधिक क्षेत्र में डबल बेसमेंट पार्किंग का प्रावधान किया जाए, ताकि भविष्य में पार्किंग की किल्लत न हो। इसके लिए ग्रीन बेल्ट को चुना गया है। ऊपर ग्रीन बेल्ट रहेगी और नीचे दो मंजिला पार्किंग होगी।
वहीं, सेक्टर-18 व 20 के हर ब्लॉक में डबल बेसमेंट पार्किंग बनेगी। ये दोनों सेक्टर काफी बड़े हैं। सेक्टर-18 में 1ए, 1बी, 2ए, 2बी, 2सी, 3ए, 3बी, 3सी, 3डी, 4ए, 5ए, 5बी, 5सी, 5डी, 6ए, 6बी, 6सी, 6डी 7ए, 7बी, 7सी, 7डी, 7ई, 7 आई व 7 जे ब्लॉक हैं। इसी तरह सेक्टर-20 में ए से लेकर यू तक 23 ब्लॉक हैं। सीईओ का कहना है कि ये पार्किंग प्राधिकरण खुद बनाएगा और चलाने की जिम्मेदारी किसी और को देगा। इससे आमदनी भी होगी।
नोएडा में पार्किंग की किल्लत हो रही है। लोग सेक्टरों में सड़कों के किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे बाकी वाहन चालकों को निकालने में परेशानी होती है। इसलिए अब वहां भी पार्क के नीचे पार्किंग का विकल्प तलाशा जा रहा है।
दूसरी तरफ हर सेक्टर में रोजमर्रा की सेवाओं, जैसे नाई, धोबी, सब्जी, फल व दूध आदि बेचने के लिए जगह तय कर दी जाएगी। हर सेक्टर में इसके लिए करीब एक एकड़ जमीन होगी। सेक्टर-18 व 20 के हर ब्लॉक में यह जगह तय की गई है। सीईओ का कहना है कि दोनों सेक्टर काफी बड़े हैं। अगर सेक्टर में सिर्फ एक जगह पर इन सेवाओं के लिए सिर्फ एक जगह दी गई तो वह उसके आसपास के लोगों को छोड़कर बाकी रहने वालों के लिए काफी दूर पड़ेगी।
इसलिए इन दो सेक्टरों के हर ब्लॉक में और बाकी सेक्टरों में सिर्फ एक जगह चिह्नित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन लोगों के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। उनको जगह तय समय के लिए आवंटित की जाएगी। उसके एवज में निर्धारित शुल्क भी लिया जाएगा।