त्योहारों पर पनीर, दूध और मिठाइयों में बढ़ती मिलावट पर नजर, हर जिले में विशेष टीमें दिन-रात कर रहीं निगरानी
ओखला सब्जी मंडी में भारी मात्रा में नकली पनीर नष्ट किया गया, दो दिन में संदिग्ध 22 खाद्य पदार्थों के सैंपल उठाए गए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन में कहीं मिलावटी मिठाई और नकली पनीर आपकी खुशियों पर भारी न पड़ जाए। दूध, पनीर, मिठाई और दूसरे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ते ही इनमें बड़े पैमाने पर मिलावट का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को ओखला सब्जी मंडी में जांच के दौरान 508 किलो मिलावटी पनीर पकड़ा गया, जिसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग को एलर्ट कर दिया गया है, सभी जिलों में जांच और निगरानी अभियान तेज किए गए हैं। विशेष टीमें बाजारों, खाद्य प्रतिष्ठानों और सप्लाई प्वाइंट पर संदिग्ध सामानों के सैंपल ले रही हैं।
ओखला सब्जी मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। जांच के दौरान इतने बड़े पैमाने पर नकली पनीर पाया गया। इसे लोगों तक पहुंचने और बाजार में बिकने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। मामले में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दो दिनों में दिल्ली के अलग-अलग जिलों से खाद्य पदार्थों के 22 सैंपल लिए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए निर्धारित प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।
हर जिले में विशेष टीमें, बाजारों पर नजर
हर जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों, बाजारों और सप्लाई प्वाइंट की नियमित जांच के लिए पर्याप्त टीमें तैनात की गई हैं। टीमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन पर निगरानी कर रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर दिल्ली सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है।
पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभियान का मकसद केवल नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना नहीं है। निर्माण से लेकर भंडारण, वितरण और बिक्री तक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मिठाई खरीदते समय रहें सावधान
त्योहारों के दौरान विभाग की कार्रवाई के साथ आम लोगों की सतर्कता भी जरूरी है। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि असुरक्षित, मिलावटी या घटिया खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, सप्लाई और बिक्री में शामिल पाए जाने वाले निर्माताओं, सप्लायरों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।