दिल्ली का ऐतिहासिक चांदनी चौक सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि राजधानी के सबसे बड़े थोक कारोबारी केंद्रों में से एक है। यहां हजारों व्यापारी और कर्मचारी रोजाना कारोबार से जुड़े हैं। लेकिन बाजार की चमक-दमक के पीछे व्यापारियों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी, माल की लोडिंग-अनलोडिंग और पार्किंग की समस्या आज भी कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन (डीएचएमए) के अध्यक्ष मुकेश सचदेव ने बताया कि चांदनी चौक क्षेत्र में करीब 27 हजार दुकानें थोक कपड़ा कारोबार से जुड़ी हैं। ऐसे बड़े बाजार में रोजाना भारी मात्रा में सामान आता और बाहर जाता है। मुख्य चांदनी चौक रोड पर सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक मोटर वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की अधिसूचना में भी इस व्यवस्था का उल्लेख है।
व्यापारियों का कहना है कि पैदल यात्रियों की सुविधा जरूरी है, लेकिन थोक बाजार की जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डीएचएमए लंबे समय से चांदनी चौक में व्यापारिक गतिविधियों और माल ढुलाई से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है। संगठन से जुड़े व्यापारी नेताओं का कहना है कि बाजार की व्यवस्था बनाते समय दुकानदारों और व्यापारिक गतिविधियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
लोडिंग-अनलोडिंग बनी चुनौती
डीएचएमए के महासचिव रमेश गर्ग ने बताया कि दुकान तक सामान पहुंचाना आसान नहीं है। प्रतिबंधित समय में बड़े वाहनों की एंट्री नहीं होने से कारोबारियों को तय समय के अनुसार पूरी सप्लाई चेन चलानी पड़ती है। पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष व्यापारियों की ओर से यह मुद्दा उठाया गया था कि लोडिंग-अनलोडिंग के लिए पर्याप्त वैकल्पिक स्थान जरूरी हैं। अदालत के रिकॉर्ड में भी चांदनी चौक के थोक कारोबार और माल ढुलाई की जरूरतों का उल्लेख मिलता है।
ग्राहक भी हो रहे परेशान
कारोबारियों के अनुसार, समस्या सिर्फ दुकानदारों की नहीं है। खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों को भी पार्किंग और बाजार तक पहुंचने में परेशानी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं और बड़ी खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए यह चुनौती और बढ़ जाती है। व्यापारी चाहते हैं कि बाजार को पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के साथ-साथ कारोबार और ग्राहकों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाया जाए।
डीएचएमए का कहना है कि प्रशासन को बाजार एसोसिएशनों के साथ बैठकर लोडिंग-अनलोडिंग के लिए तय स्थान, पर्याप्त पार्किंग और माल ढुलाई की व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। उनका कहना है कि चांदनी चौक की पहचान उसके कारोबार से है और व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे बाजार की विरासत भी बचे और व्यापार की रफ्तार भी बनी रहे।