सेक्टर-30 अध्यक्ष प्रदीप वर्मा ने बताया कि एक महीने में दर्जनों लोगों को लावारिस कुत्तों ने काटा है। यहां रहने वाली डॉ. रुचि अग्रवाल ने बताया कि उनके बुजुर्ग माता-पिता को लावारिस कुत्तों ने शिकार बनाया। प्राधिकरण से शिकायत की। लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। ऐसे में प्राधिकरण व जिला प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए।
सेक्टर-77 की कई सोसायटी के लोग डर के साये में रह रहे हैं। चूंकि यहां बंदर व लावारिस कुत्ते निवास कर रहे हैं। प्रतीक विस्टिरिया निवासी निशा राय ने बताया कि सोसायटी में बंदरों ने हंगामा चरम पर है। बाहर जाने में डर लगता है। सोसायटी की सीढ़ियों पर बंदर बैठे रहते हैं। कई बार बच्चों पर हमला कर चुके हैं। वहीं, सोसायटी के अंदर लावारिस कुत्ते रह रहे हैं। सोसायटी के निवासी अधिक रुपये खर्च करने के बाद भी ठीक से रह नहीं पा रहे हैं।
फोनरवा अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि प्राधिकरण ने शहर की अच्छाई के लिए कोई भी काम मना से नहीं किया है। कई बार लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने के लिए अधिकारियों से अपील की गई है कि नोएडा को चार जोन में बांटकर टीम गठित की जाए। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में लोगों की जान को खतरा है।