चार धाम की यात्रा शुरू होने से पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली का फिजियोलॉजी विभाग देश के अन्य संस्थानों के डॉक्टरों के साथ मिलकर ऊंचाई पर जाने से शरीर में होने वाले नुकसान का पता लगाएगा। साथ ही इन समस्याओं की रोकथाम के लिए चिकित्सा विधि भी तैयार करेगा। बुधवार को एम्स में होने वाली इस बैठक में डीआरडीओ, अमृत अस्पताल सहित अन्य जगहों से फिजियोलॉजी विभाग के डॉक्टर आ रहे हैं।
बैठक के संबंध में एम्स के वरिष्ठ डॉक्टरों ने बताया कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम होती है। ऐसे में सामान्य रूप से सभी के लिए ऊंचाई पर जाना संभव। हर शरीर में संरचना के आधार पर प्रभाव पड़ता है। कई लोगों को चक्कर आने लगते हैं। जबकि अधिकतर लोगों का रक्तचाप काफी कम हो जाता है। बता दें कि चार धाम की यात्रा इसी माह जल्द शुरू हो जाएगी। यात्रा के लिए दोनों धामों के कपाट 22 अप्रैल 2023 को खुलेंगें। चैत्र प्रतिपदा एवं नवरात्र के शुभ अवसर पर विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त निकाला गया था। बदरीनाथ और केदरानाथ धामों के कपाट खुलने की घोषणा पहले ही हो चुकी है।
यह रखेंगे अपनी बात
इस चर्चा में एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास अपनी बात रखेंगे। साथ ही डॉ.कृष्ण गोपाल, डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. केपी कोच्चर अपनी बात रखेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि चार धाम यात्रा को लेकर यदि पहले से नीति तैयार कर दी जाती है तो यात्रा के दौरान होने वाली समस्याओं को रोका जा सकता है।