फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निर्भया के डॉक्टरों ने कहा कभी नहीं देखा ऐसा दर्दनाक मामला, बताया किन अंगों पर लगी थी चोटें

Sun, 07 May 2017 04:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
न‌िर्भया मामले में दोष‌‌ियों को सजा म‌िलने के बाद न‌िर्भया के माता-प‌िता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हैवानियत की शिकार हुई युवती का इलाज कर रहे सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा था कि जीवन के अंतिम समय तक पीड़िता में जीने का जज्बा था और उसने हिम्मत बनाए रखी थी। लेकिन उसे चिकित्सा विज्ञान बचा नहीं पाया।
विज्ञापन


इलाज कर रहे अनुभवी चिकित्सकों ने कहा था कि ऐसा मामला उन लोगों ने अपने 30 से 35 वर्ष के चिकित्सीय जीवन में कभी नहीं देखा था और न ही यह सोचा था कि ऐसा मामला भी उनके चिकित्सीय जीवन में आएगा।

पीड़िता के इलाज करने वाली टीम में शामिल सफदरजंग अस्पताल की स्त्री और प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अरुणा बत्रा ने कहा था कि 30 वर्ष के अपने चिकित्सीय पेशे में इस तरह का दर्दनाक मामला कभी नहीं देखा।
विज्ञापन


सर्जरी विभाग के प्रमुख रहे डॉ. सुनील जैन ने भी कहा था कि ऐसा केस पहले नहीं देखा। पीड़ित युवती की हिम्मत और जज्बे को सिंगापुर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के चिकित्सकों ने भी तारीफ की थी। अमर-उजाला को भेजे ई-मेल में अस्पताल की ओर से कहा गया था कि युवती काफी बहादुर थी।
विज्ञापन

युवती के शरीर के इन अंगों पर थे घाव

न‌िर्भया की मां अदालत जाते हुए - फोटो : अमर उजाला
चेहरे पर दांत से काटने के निशान थे। छाती और गले पर नाखून से कटने के निशान थे। पेट पर नुकीली वस्तु से हमला किया गया था। निजी अंगों पर गंभीर चोटें थीं। गुप्तांग के रास्ते लोहे की छड़ शरीर के अंदर डाली। छड़ से गुप्तांग व बच्चेदानी का कुछ भाग गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। छड़ की वजह से छोटी आंत पूरी तरह से बाहर आ गई थी। बड़ी आंत का भी बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ था। कमर के पास धारदार हथियार से हमला किया गया था। पीठ और पैर में मामूली चोट थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें