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डॉक्टरों की हड़ताल से मासूम की जान गई

Thu, 19 Feb 2015 09:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से कलावती शरण अस्पताल में एक मासूम की मौत से परिजन गुस्से में हैं। बच्चे की मौत पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल को खत्म कराने का आग्रह किया है। हालांकि बृहस्पतिवार को दोपहर हड़ताल खत्म हो गई और डॉक्टर काम पर लौट आए। इस संबंध में अस्पताल-प्रशासन से कोई बात नहीं हो सकी।
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जानकारी के मुताबिक एक साल के बच्चे अरमान की तबीयत खराब थी तो परिजन कलावती शरण अस्पताल लेकर आए, लेकिन वहां रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल चल रही थी। डॉक्टर बच्चे को देखने के लिए तैयार नहीं थे। बच्चे के मामा नूर मोहम्मद ने बताया कि उसी समय दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को दो बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उसके बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को कॉल किया, लेकिन उनका फोन बंद था।

नूर का आरोप लगाया है कि इलाज के अभाव में बच्चे की मौत हुई है। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि कलावती शरण बच्चों का अस्पताल है। गंभीर स्थिति में मरीज के आने पर कई बार मौत होती है, लेकिन इस बार हड़ताल को कारण बताया जा रहा है।
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उधर, सुचेता कृपलानी अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. रविंद्र चौहान ने बताया कि सुरक्षा की उनकी मांग को पूरा करने का भरोसा अस्पताल-प्रशासन ने दिया है। इसी वजह से रेजिडेंट डॉक्टर्स काम पर लौट आए हैं। सोमवार की रात एक महिला डॉक्टर के साथ मरीज के परिजन ने दुर्व्यवहार किया था इसके बाद दूसरे दिन से रेजिडेंट डॉक्टर्स ने चिक्त्सिा सेवा ठप कर दी थी।
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