- बिना दिल की धड़कन के पार्क में मिला था नवजात
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने एक दिन के बेसहारा नवजात की जान बचाई है। हाइपोथर्मिया से पीड़ित बच्चे को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। बच्चे के शरीर का तापमान इतना कम था कि दिल, फेफड़े और दिमाग की गति धीमी थी। आंखों की पुतलियां स्थिर और खुली हुई थी। सांस नहीं चल रही थी और त्वचा पीली पड़ गई थी।
यह नवजात दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके के एक पार्क में बेसहारा और मरणासन्न हालत में आरडब्ल्यूए सदस्यों को मिला था। सदस्यों ने नवजात को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने ही नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल की इमरजेंसी और नियोनेटल विभाग की टीम के डॉ. रघुराम मल्लैया और डॉ. विशाल गुप्ता के नेतृत्व में बच्चे का इलाज किया गया।
डॉ. रघुराम मल्लैया ने कहा कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया तो उसकी हार्टबीट नहीं थी। यह नियति के खिलाफ एक दौड़ थी। टीम के लगातार समन्वित प्रयासों के बाद उसे बचा पाए। नवजात को सांस लेने के लिए इंट्यूबेट किया। नवजात को ऑक्सीजन सपोर्ट और होश में लाने के लिए दो बार सीपीआर दिया। चिकित्सकों की टीम ने उसे आईवी फ्लूइड और खून भी चढ़ाया। इंटेंसिव केयर के कुछ ही घंटों में नवजात बच्चे की हालत स्थिर हो गई। नवजात अब स्वस्थ, स्थिर है।