सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने गर्भाश्य से 9 माह के भ्रूण के बराबर ट्यूमर निकालकर चिकित्सीय विज्ञान में नया अध्याय जोड़ा है। डॉक्टरों की इस कामयाबी को जर्नल ऑफ ओबस्टेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजी रिसर्च में प्रकाशित किया गया है। हाइब्रिड तकनीक (सर्जरी की दो तकनीकों का मिश्रण) के जरिये ट्यूमर को निकाला गया।
इस साल जनवरी में 47 वर्षीय महिला पेट में दर्द के साथ मासिक धर्म में असामान्य रूप से उच्च रक्तस्त्राव की शिकायत लेकर सर गंगाराम अस्पताल आई थी। महिला ने बताया था कि उन्हें 10 वर्षों से ये शिकायत थी। 2009 में उन्होंने अल्ट्रासाउंड भी कराया था, जिसमें 3.3×2.3 सेमी ट्यूमर का जिक्र था। इसी रिपोर्ट पर अस्पताल के विशेषज्ञों ने जब गौर किया, तो उन्हें संदेह हुआ।
तत्काल महिला के पेट की जांच की, तो ट्यूमर 9 महीने के भ्रूण के बराबर बड़े आकार में मिला। इसका आकार 23×23×16 सेमी और वजन 4 किलो के आसपास था। डॉक्टरों के अनुसार, ट्यूमर कोख से स्तन की हड्डी के चार इंच नीचे और लिवर से चिपका था। जांच में ये भी पता चला कि ये रक्त कोशिकाओं से भरा हुआ खतरनाक कैंसर का ट्यूमर है।
तीन चुनौतियों से घिरे थे डॉक्टर
अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. देबासिस दत्ता ने बताया कि यह केस कई मामलों में चुनौतीपूर्ण था। सबसे पहले तो ट्यूमर का विशाल आकार, दूसरा रक्त कोशिकाओं से भरा होने की वजह से अति रक्तस्राव का खतरा और तीसरी चुनौती लिवर, पेट, आंत जैसे संवेदनशील अंगों से चिपका होना था, इसलिए हाइब्रिड तकनीक लेप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी और लेप्रोटोमी के जरिये ट्यूमर बाहर निकाला गया।