ग्रेटर नोएडा मेडिकल यूनिवर्सिटी मेडिकल शिक्षा के लिए तैयार है। मार्च 2015 से यहां एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। सीपीएमटी के माध्यम से छात्रों को प्रवेश मिलेगा। पहला बैच 100 छात्रों का होगा, जिससे पहले फैकल्टी की नियुक्ति होगी। नवंबर में विधानसभा सत्र में यूनिवर्सिटी एक्ट और एसएस चाइल्ड पीजीआई एक्ट पेश किया जाएगा।
मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होना जिले के लिए बड़ी सौगात होगी। सीपीएमएटी में चयनित होने वाले जिले और आसपास के छात्रों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। छात्रों को पढ़ाने के लिए पहले चरण में 102 फैकल्टी नियुक्त की जाएंगी। एक्ट पास होने के बाद सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई और ग्रेनो मेडिकल यूनिवर्सिटी एम्स की तरह ही स्ववित्तपोषित हो जाएंगे। चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा के लिए यह दोनों ही प्रोजेक्ट एम्स की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे।
चिकित्सा निदेशक डॉ ए के भट्ट ने बताया कि एमबीबीएस का पहला बैच निकलने के बाद एमडी और एमएस की पढ़ाई शुरू होगी। इसमें करीब साढ़े चार साल लगेंगे। इसके बाद डीएम और एमसीएच की पढ़ाई शुरू होगी। उन्होंने बताया कि चाइल्ड पीजीआई में मेडिकल की सुपर स्पेशलाइजेशन की पढ़ाई शुरू होनी है लेकिन इसमें वक्त लगेगा। मेडिकल शिक्षा के लिए यूनिवर्सिटी को पहले विकसित किया जाएगा।
एसएस चाइल्ड पीजीआई एक्ट पास होने के बाद चाइल्ड पीजीआई में मरीजों को भर्ती करने, ऑपरेशन और इमरजेंसी जैसी सुविधाएं शुरू होंगी। बता दें कि चाइल्ड पीजीआई में वर्तमान समय में मरीजों को सिर्फ ओपीडी और पैथोलॉजी की सुविधा ही मिल रही है। भर्ती करने की सुविधा, इमरजेंसी और ऑपरेशन की सुविधाओं का शुरू होना अब फाइनल बताया जा रहा है।