इस सर्जरी से जुड़े डॉ. अमित जावेद ने बताया कि ट्यूमर पेट की पूरी कैविटी में फैल गया था, जिसके कारण लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करने के लिए पेट में बहुत कम जगह मिली। इस ट्यूमर को काटकर बाहर निकालना ऐसा ही था, जैसे सीजेरियन सेक्शन में बड़े आकार के शिशु का जन्म कराया जा रहा हो। अब मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं और सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है। बता दें कि मेसेंटेरिक ट्यूमर दुर्लभ होते हैं और इसमें विषम समूह में घाव हुआ करते हैं।