फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदूराव अस्पताल में वेतन न मिलने पर डॉक्टरों ने की हड़ताल

Thu, 16 May 2019 09:08 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

- तीन घंटे हड़ताल पर रहे डॉक्टर 
- लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परेशान
विज्ञापन
डॉक्टरों की हड़ताल (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उत्तर दिल्ली के हिंदूराव अस्पताल के डॉक्टरों ने गुरुवार को तीन घंटे तक हड़ताल की। इनका कहना है कि अगर 20 मई तक इन्हें वेतन नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। गुरुवार दोपहर साढ़े 12 बजे तक हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों का ये भी कहना है कि 19 मई तक वे हर दिन तीन तीन घंटे की हड़ताल जारी रखेंगे।

विज्ञापन


इसके बाद भी अगर उनका लंबित वेतन नहीं मिला तो वे फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर ही रहेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि आए दिन उन्हें वेतन के लिए परेशान रहना पड़ता है। हर बार दो से तीन माह तक वेतन उनका नहीं मिल पाता। इसके कारण उन्हें बार बार अस्पताल से लेकर निगम के आला अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। 

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के महासचिव डॉ. संजीव चौधरी ने कहा कि गुरुवार को तीन घंटे के लिए हड़ताल की गई है। अगर 20 मई तक डॉक्टरों को वेतन नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। उनका कहना है कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अस्पताल, डिस्पेंसरी और पॉलीक्लिनिक में हालात बहुत खराब हैं। यहां के डॉक्टरों को लगभग पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
विज्ञापन


नर्सों का भी यही हाल है, इसीलिए पिछले सप्ताह नर्सों ने निगम के खिलाफ धरना दिया था। उन्होंने कहा कि जब भी वेतन की बात की जाती है तो केवल आश्वासन दे दिया जाता है कि जल्द ही वेतन मिल जाएगा। ऐसे करते-करते तीन महीने बीत चुके हैं लेकिन वेतन नहीं मिला। लगभग दो दिन पहले अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक और निगम अधिकारियों से बैठक में कहा गया कि बजट न होने की वजह से वेतन नहीं मिल पा रहा है।

दिल्ली सरकार की ओर से निगम को बजट नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर या नर्स मरीजों की सेवा निगम या दिल्ली सरकार के बारे में सोच कर नहीं करते। दिल्ली सरकार और नगर निगम के बीच वे पिसना नहीं चाहते। इसीलिए उन्होंने अब हड़ताल के रास्ते पर ही चलने का फैसला लिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें