दिल्ली के लोकनायक और महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में रविवार देर रात डॉक्टरों से मारपीट के विरोध में पांच अस्पतालों के चिकित्सक सोमवार को हड़ताल पर चले गए।
लोकनायक, जीबी पंत, महर्षि वाल्मीकि अस्पताल, गुरुनानक नेत्र चिकित्सालय और सुश्रुत ट्रामा पहुंचे करीब 16000 मरीजों को बगैर उपचार कराए लौटना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद देर शाम सभी अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए।
हड़ताल की वजह से दिल्ली सरकार के सबसे बड़े लोकनायक अस्पताल में ऑपरेशन से लेकर ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित रहीं। करीब 100 ऑपरेशन टाले गए जबकि 30 से ज्यादा मरीजों को आपातकालीन विभाग से रेफर कर दिया गया।
शाम को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का आदेश मिलने के बाद हड़ताली डॉक्टरों की मांगें मान ली गईं। जल्द ही अस्पतालों में मार्शल तैनात किए जाने का आश्वासन सरकार ने दिया है। उधर पुलिस को मारपीट की घटना को लेकर दोनों अस्पताल प्रबंधन की ओर से शिकायत दी गई है।
रविवार देर रात लोकनायक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में तैनात मेडिसिन विभाग के डॉ. सउदी मलिक के साथ एक मरीज के तीमारदारों ने मारपीट की थी।
इस घटना के कुछ ही देर बाद बाहरी दिल्ली के महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में भी डॉक्टर से मारपीट हुई। इन घटनाओं से गुस्साए डॉक्टरों ने हड़ताल का एलान कर दिया था।