अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में प्रोफेसर, अतिरिक्त प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के कुल 142 पदों पर भर्ती पर रोक लगाने का आग्रह प्रधानमंत्री से किया गया है।
नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर एम्स के कुछ चिकित्सकों और फोरम फॉर राइट एंड इक्वैलिटी की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है।
पत्र में कहा गया है कि चिकित्सों की भर्ती के लिए नवंबर-2012 में विज्ञापन दिया गया था। लेकिन साक्षात्कार और नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। अब विज्ञापन को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है।
लिहाजा नियमानुसार इन पदों पर नियुक्ति के लिए दुबारा से विज्ञापन निकाला जाना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो यह नियम-कानून के खिलाफ होगा।
प्रोफेसर के 37 पदों में से 20 अनारक्षित है, जबकि ओबीसी के लिए 13 और एससी के चार पद हैं। इसके अलावा अतिरिक्त प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति होनी है।