सेक्टर-15 पार्ट दो निवासी चमन लाल ने आयोग को दी शिकायत में बताया कि सिविल लाइंस निवासी डॉ. ज्योतिर्मय भारती से हेयर ट्रांसप्लांट 18 मार्च 2019 को कराया था। पीड़ित का आरोप है कि 90 हजार खर्च करने के बाद भी बाल नहीं उगे। चमन लाल ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बाद में मिलना बंद कर दिया।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच व खुशविंदर कौर ने पूरे मामले को सुना। डॉ. ज्योतिर्मय भारती ने आयोग के समक्ष अपनी बात रखी और कहा कि उपचार का क्षेत्र व्यक्ति दर व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग बातों पर निर्भर करता है। शरीर की जैविक संरचना उनकी प्रतिक्रियाशील प्रतिरक्षा के अनुसार होती है। उनका कहना है कि अपेक्षित परिणाम को सेवा में कमी नहीं कहा जा सकता। शिकायतकर्ता को दवाएं दी गईं और उनका पालन करने के लिए कहा गया था, लेकिन वह अनियमित रहे।
इससे बालों के संबंध में अपेक्षित परिणाम न दिखने का कारण रहा। डॉक्टर ने शिकायत को खारिज करने की मांग रखी। पीड़ित ने दलील दी कि हेयर ट्रांसप्लांट के बाद बालों के कम बढ़ने का मामला नहीं है, बिल्कुल भी बाल न उगने का मामला है। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने डॉक्टर को 90 हजार रुपये 9 फीसदी ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया है। वहीं, 30 हजार मुआवजा और मुकदमेबाजी खर्च में 11 हजार रुपये देने को कहा है।