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डाक्टर ने छत से कूदकर की ‘खुदकुशी’

Sun, 11 Jan 2015 01:51 AM IST
अमर उजाला, साहिबाबाद
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सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नवीन गुप्ता (40) की शनिवार को रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। उनकी लाश मेडिकल काॅलेज परिसर के डी ब्लॉक में नीचे मिली।
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वह इसी ब्लाक की पहली मंजिल पर रहते थे। प्रथमदृष्ट्या पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। डाक्टर के कमरे और जेब से तीन सुसाइड नोट मिले हैं।

चौकी प्रभारी को संबोधित नोट में दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, जामिया मिलिया की डीन डा. रागिनी, सुशीला तिवारी अस्पताल के प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित के साथ ही विभाग के कई डाक्टरों पर आरोप लगाए हैं।

जिनमें लिखा है कि उसकी पेन ड्राइव, पत्नी का सर्टिफिकेट गायब करने के अलावा अकाउंट हैक कराया है। डाक्टर ने सुसाइड नोट में खुद कोअंडरवर्ल्ड से भी खतरा बताया है।
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पिता आरसी गुप्ता पोस्टमार्टम के बाद बेटे के शव को गाजियाबाद ले गए। उधर, डा.नवीन गुप्ता की मौत की सूचना के बाद राजेंद्र नगर सेक्टर-3 सि्थत घर में परिजनों में मातम छा गया।

गाजियाबाद के साहिबाबाद राजेंद्र नगर निवासी डा. नवीन गुप्ता पुत्र रमेश चंद्र गुप्ता ने पिछले साल 11 अगस्त को सुशीला तिवारी अस्पताल के फार्मोकोलाजी में ज्वाइन किया था।

वे मेडिकल काॅलेज परिसर के डी ब्लाक के टाइप थ्री बिल्डिंग के कमरा संख्या चार में रहते थे। शनिवार सुबह अखबार बांटने वाले ने उसका शव पड़ा होने की सूचना उसी ब्लाक के निवासी चंदन को दी।

पुलिस ने डाक्टर की जेब से दो सुसाइड नोट, पर्स से 13 हजार 900 रुपये एटीएम, कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डीएल सहित अन्य कागजात बरामद किए। डाक्टर के पैर में हरे रंग के स्लीपर थे।

डी ब्लाक की चौथी मंजिल का निरीक्षण करने पर पुलिस को कमरे और कार की चाबी मिली। डाक्टर कमरा बंद करके चौथी मंजिल पर गए और वहां से कूद गए।

कमरे की तलाशी में बेड पर एक और सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखे नामों को पुलिस देखते ही सुसाइड नोट छिपाने में जुट गई।

चौकी प्रभारी ने बताया कि तीन दिन पहले डाक्टर ने पेन ड्राइव की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसमें विभागीय डाक्टरों को जिम्मेदार ठहरया था।

पड़ोसी रेडियो टेक्नोलोजिस्ट ने पुलिस को बताया कि डा. नवीन की पत्नी रेनू दोनों बच्चों के साथ शुक्रवार को भाई महावीर के साथ मायके साहिबाबाद इंडस्ट्रियल स्टेट चली गई।

पुलिस घटना की तह तक जाने के लिए डाक्टर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। घटना के चलते मेडिकल कालेज के डाक्टर सकते में हैं। पिता रमेश गुप्ता पुलिस की इस बात से सहमत नहीं हैं कि उनके बेटे ने खुदकुशी कर ली।

उनका कहना है कि उनके बेटे के सुसाइड करने का कोई कारण नहीं है। अब पुलिस की जांच ही बताएगी डा. नवीन की हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की।

पत्नी की बीमारी से परेशान थे डा. गुप्ता
पत्नी रेनू की आंखों की रोशनी को लेकर डा. नवीन गुप्ता परेशान थे। पत्नी तीन वर्षों से आंख की बीमारी कारोडाइटिस से परेशान थी। उनकी एक आंख की रोशनी कम हो रही थी।

वह पत्नी का इलाज दिल्ली से करा रहे थे। एसटीएच के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डा. जीएस तितयाल को सितंबर 2014 में पत्नी की रिपोर्ट दिखाकर राय भी ली थी।

अब डा. गुप्ता पत्नी का चेन्नई स्थित शंकर अस्पताल में इलाज कराने जाने वाले थे। इलाज के लिए पांच माह की सेवा के दौरान दो माह अवकाश पर भी रहे।

डा. तितयाल ने बताया कि रेटीना के पीछे के पर्दे के पास कारोइड नामक पार्ट होता है। इसमें सूजन आने के साथ ही आंख की रोशनी कम होने लगती है।

11 अगस्त को किया था ज्वाइन
डा. नवीन गुप्ता ने 11 अगस्त 2014 को मेडिकल कालेज के फार्मोकोलाजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था। डा. गुप्ता ने 27 मार्च 14को जामिया मिलिया इस्लामिया डेंटल कालेज से त्यागपत्र दिया था।
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डा. गुप्ता जामिया मिलिया इस्लामिया डेंटल कालेज में चार वर्षों तक फार्मोकोलाजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे।

अधिक रक्तस्राव से हुई मौत
दिमाग और छाती में खून भरने के साथ ही अत्यधिक रक्तस्राव से डा. नवीन गुप्ता की मौत हुई। ऊंचाई से गिरने से सिर की हड्डियां और कई पसलियां टूटी थीं।

कूल्हे की हड्डी और बाएं पैर में भी फ्रैक्चर था। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में जहर या अल्कोहल लेने की पुष्टि नहीं हुई है।

शनिवार देर शाम शव का पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट से पता चला कि रात में खाना और फल खाया था।
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