- अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए खतरा है
- आरोपी डॉक्टर उमाशंकर अंबरासन पर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) में अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट देने के बदले कथित रूप से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट की सीबीआई अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी डॉक्टर को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। विशेष न्यायाधीश छवि कपूर की अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट की एक हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए खतरा है। आरोपी डॉक्टर उमाशंकर अंबरासन पर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) में अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट देने के बदले कथित रूप से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। अदालत ने डॉक्टर को राहत देने से इन्कार करते हुए कहा कि आरोपी ने रिश्वत की राशि के लेन-देन का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया है। उनके खिलाफ मौजूद साक्ष्य गंभीर है। आरोपी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।
याचिकाकर्ता ने अग्रिम जमानत की मांग करते हुए कहा था कि उन्होंने जांच में सहयोग किया। इस पर सीबीआई ने याचिका का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी डॉक्टर 20 मई को कर्नाटक के बेलगावी स्थित जेएनएमसी कॉलेज के निरीक्षण के लिए गए थे। उसने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अनुकूल रिपोर्ट देने के बदले पांच लाख रुपये की रिश्वत ली। जांच में जेएनएमसी अस्पताल के एक डॉक्टर विश्वनाथ ने गवाही में पुष्टि की कि उन्होंने यह राशि आरोपी को 20 मई की रात होटल मैरिएट में उनके कमरे में एक लिफाफे में दी थी। सीबीआई ने यह भी बताया कि अगली सुबह यानि 21 मई को याचिकाकर्ता ने वही रकम बेलगावी की एसबीआई की शाखा में अपने खाते में जमा कराई। इसके रिकॉर्ड अदालत को दिए गए। अदालत ने माना कि ये साक्ष्य आरोपी की कथित संलिप्तता की पुष्टि करते हैं। सीबीआई ने दलील दी कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा और पूछताछ के दौरान गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।