नोएड के अस्पताल एक बार फिर आरोपों के घेरे में है। महिला विभाग पर एक गर्भवती महिला को टरकाने और लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई और मां की जान भी खतरे में पड़ गई।
दिल्ली के अशोक नगर निवासी नीता तंवर ने बताया कि 13 अगस्त की रात को उनकी गर्भवती बहू रश्मी को दर्द उठा। रात करीब एक बजे उन्होंने उसे सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
काफी देर तक दर्द से कराह रही मरीज का इलाज शुरू न होने पर उन्होंने डॉक्टरों से गुहार लगाई। लेकिन, इसके बावजूद डॉक्टर ने ध्यान नहीं दिया। बार-बार कहने पर डॉक्टर ने मरीज को दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल रेफर कर दिया।
वहां महिला ने मृत बच्ची को जन्म दिया। वहां डॉक्टरों ने कहा कि अगर आधा घंटा और देर से पहुंचते तो मां की भी मौत हो जाती। नीता तंवर ने कहा कि डॉक्टर ने वक्त रहते इलाज शुरू कर दिया होता तो बच्ची को भी बचाया जा सकता था।
गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाता है, लेकिन तीमारदार इसे डॉक्टर का गैर जिम्मेदाराना रवैया समझते हैं। मामले की जांच की जाएगी।
डॉ. आरएनपी मिश्र, सीएमएस, जिला अस्पताल