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डॉक्टर गिरफ्तार: उच्चस्तरीय बैठक में बोले स्वास्थ्य मंत्री, अस्पतालों में दिखे बिचौलिए तो होगी कार्रवाई

Sat, 01 Apr 2023 04:34 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी अस्पताल प्रबंधन मरीजों के इलाज से संबंधित अपना रजिस्टर मेंटेन करें, जिसमें मरीज का नाम, अस्पताल में पहले दिन आने की तिथि और सर्जरी की तिथि सहित पूरी जानकारी हो।
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सौरभ भारद्वाज (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार के अस्पतालों में यदि बिचौलिए दिखे तो तुरंत कार्रवाई होगी। सफदरजंग अस्पताल में पैसे लेकर इलाज करने का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

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बैठक के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधनों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अस्पताल अपने अनुबंध दर को जल्द से जल्द रिन्यू करें, ताकि मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। साथ ही सर्जरी के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। इसके अलावा मरीजों को पंक्ति और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इलाज दिया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी अस्पताल प्रबंधन मरीजों के इलाज से संबंधित अपना रजिस्टर मेंटेन करें, जिसमें मरीज का नाम, अस्पताल में पहले दिन आने की तिथि और सर्जरी की तिथि सहित पूरी जानकारी हो। 

पूरी व्यवस्था की होगी निगरानी 
मंत्री ने कहा कि अस्पताल में पूरी व्यवस्था पर खास निगरानी रखी जाएगी। हर विभाग में एचओडी की जिम्मेदारी मरीजों से संबंधित रजिस्टर को मेंटेन करने की होगी। एमडी द्वारा हर महीने इसे चेक किया जाएगा। ताकि हर स्तर पर सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहें। बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने जीबी पंत अस्पताल को पिछले तीन महीनों का मरीजों का रजिस्टर रिकार्ड देने के निर्देश दिए।
 
 

चिकित्सा अधीक्षक ने विभाग प्रमुखों के साथ बैठक की
सफदरजंग अस्पताल में पैसों के बदले इलाज के मामले में एक न्यूरो सर्जन डॉक्टर मनीष रावत की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को अस्पताल में दिनभर बैठकों का दौर चला। दोपहर करीब ढाई बजे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने सभी विभाग प्रमुखों के साथ बैठक की। हालांकि, चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क नहीं हो पाया।

 

सूत्रों ने बताया कि बैठक में कई स्तर पर चर्चा हुई है। साथ ही ऐसे सभी विभागों में अपने स्तर पर जांच करने के लिए कहा गया है कि जहां सर्जरी या अन्य के लिए बाहर से चिकित्सा उपकरण लेना पड़ता है। वहीं इस गिरफ्तारी को लेकर अस्पताल के सभी विभागों में डर का माहौल है। बता दें कि डॉ रावत के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।
 

एमआरआई के लिए पांच माह का इंतजार 
सफदरजंग अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में उपचार करवाने आ रहे मरीजों को एमआरआई के लिए पांच माह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, सीटी स्कैन के लिए वेटिंग तीन महीने की है। लंबी वेटिंग का फायदा उठाकर आसानी से निजी लैब के कर्मचारी मरीजों को बाहर जांच के लिए ले जा रहे हैं। चार साल के दीपांजों को एमआरआई की डेट 8 अगस्त की दी है। अस्पताल में उपचार करवा रहे तनवीर आलम को एमआरआई के लिए 10 अगस्त की डेट दी गई हैं।

 
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मरीजों को मिले मुफ्त सुविधा: स्वास्थ्य मंत्री
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
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