बैठक के बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधनों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अस्पताल अपने अनुबंध दर को जल्द से जल्द रिन्यू करें, ताकि मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। साथ ही सर्जरी के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। इसके अलावा मरीजों को पंक्ति और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इलाज दिया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी अस्पताल प्रबंधन मरीजों के इलाज से संबंधित अपना रजिस्टर मेंटेन करें, जिसमें मरीज का नाम, अस्पताल में पहले दिन आने की तिथि और सर्जरी की तिथि सहित पूरी जानकारी हो।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में कई स्तर पर चर्चा हुई है। साथ ही ऐसे सभी विभागों में अपने स्तर पर जांच करने के लिए कहा गया है कि जहां सर्जरी या अन्य के लिए बाहर से चिकित्सा उपकरण लेना पड़ता है। वहीं इस गिरफ्तारी को लेकर अस्पताल के सभी विभागों में डर का माहौल है। बता दें कि डॉ रावत के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं।