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डॉक्टर और महिला हवलदार बने मानवता के पैरोकार, फर्ज निभाया और खून देकर बचाई जान

Thu, 23 Jul 2020 05:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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डॉक्टर मोहम्मद फवाज - फोटो : अमर उजाला
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एम्स अस्पताल के डॉक्टर मोहम्मद फवाज ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए अस्पताल में भर्ती एक गंभीर मरीज को पहले खून दिया, फिर उसकी सर्जरी की। हादसे में जख्मी व्यक्ति के ऑपरेशन से पहले खून की सख्त जरूरत थी। डोनर नहीं मिलने के कारण ऑपरेशन में देरी हो रही थी। यह देखकर डॉक्टर फवाज ने खुद मरीज को रक्त दिया, फिर उसकी सर्जरी की। 

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एम्स अस्पताल के डॉक्टर विजय ने बताया कि डॉक्टर मोहम्मद फवाज एम्स के जनरल सर्जरी विभाग में कार्यरत हैं। बुधवार शाम सर्जरी विभाग में एक मरीज भर्ती हुआ था। उसकी तुरंत सर्जरी की जरूरत थी। ऑपरेशन करने के लिए रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल में मरीज का बल्ड ग्रुप नहीं था। परिजनों से संपर्क किया गया, लेकिन कोरोना संक्रमण के डर के कारण कोई भी अस्पताल में रक्तदान के लिए नहीं आया। 

मरीज की पत्नी भी उसके साथ थी। जांच करने पर उसमें हीमोग्लोबिन की कमी निकली। मरीज की हालात काफी खराब थी। ऐसे में उसको तुरंत खून चढ़ाना जरूरी था। जब कोई डोनर नहीं मिला तो डॉक्टर फवाज ने निर्णय लिया कि वह खुद ही मरीज को खून देंगे और उसके बाद ऑपरेशन करेंगे। इसके बाद उन्होंने मरीज को रक्त दिया और फिर उसका ऑपरेशन किया। डॉ विजय के मुताबिक मरीज की हालात फिलहाल स्थिर है। 
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ट्विटर पर मैसेज देख महिला हवलदार रक्तदान करने पहुंची

बाला यादव - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण जिले की महरौली थाने में तैनात दिल्ली पुलिस की महिला हवलदार बाला यादव ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। ट्विटर पर मैसेज देखकर वह रक्तदान करने के लिए तुरंत एम्स पहुंच गई। छुट्टी होने के बावजूद वह कोरोना महामारी के बीच एम्स रक्तदान करने पहुंची थीं। बाला यादव का कहना है कि वह किसी की जान बचाने के लिए रक्तदान करने गई थी। रक्तदान करते हुए बाला यादव की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी बाला यादव की काफी तारीफ कर रहे हैं।

महिला हवलदार बाला यादव ने बताया कि वह पिछले तीन साल से ड्यूटी से कोई छुट्टी नहीं ली है। लॉकडाउन के बाद अब उन्होंने कुछ दिन की छुट्टी ली है। वह मोटरसाइकिल से इलाके में पेट्रोलिंग करती हैं और महिला पुलिसकर्मियों की चिट्ठी संभालती है। बुधवार सुबह उनके पास ट्विटर पर एक मैसेज आया। मैसेज में ब्लड की तुरंत जरूरत होने की बात थी। 

उन्होंने ट्विटर पर मैसेज डालने वाले दिल्ली पुलिस के सिपाही रविंद्र से पीड़ित का नंबर लिया। वह पीड़ित की पत्नी से बात कर बुधवार सुबह एम्स पहुंची। पीड़ित को कोरोना व कैंसर है। बाला यादव का कहना है कि रक्तदान कर उसे बहुत खुशी मिल रही है। रक्तदान के लिए जाते वक्त दोनों बेटों ने उसे प्रोत्साहित किया था। बेटों ने कहा था कि नेक काम करना चाहिए। 
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