राजधानी की जहरीली होती हवा और बढ़ते स्मॉग के मद्देनजर डॉक्टरों ने दी सलाह
आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें बढ़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की फिजा जहरीली हो गई है। हवा इतनी दूषित हो चुकी है कि सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी पार कर चुका है। घनी धुंध और धुएं के बीच लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें बढ़ गई हैं। अस्पताल में इस समस्या को लेकर मरीजों की कतारें लगी हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति आंखों, फेफड़ों और दिल के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। डॉक्टरों की सलाह है कि जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो जाता डबल मास्क पहनें और बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें।
त्योहार के बाद सुबह घनी धुंध और पटाखों के धुएं ने वातावरण को और जहरीला बना दिया। सड़कों पर दृश्यता कम होने के साथ-साथ हवा में बारूद की तीखी गंध स्पष्ट महसूस की जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रमेश मीणा ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। यह जहरीली हवा बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से हानिकारक है। उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों में रहें, साफ हवा के लिए पौधे लगाएं और किसी भी स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रदूषण से बचाव के उपाय
-मास्क का उपयोग: बाहर निकलते समय एन-95 या समकक्ष मास्क जरूर पहनें।
-घर में रहें: गैर-जरूरी काम से बचें, खासकर सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण का स्तर अधिक होता है।
-हवा की गुणवत्ता जांचें: एक्यूआई स्तर की जानकारी के लिए नियमित रूप से अपडेट्स देखें।
-स्वास्थ्य देखभाल: सांस लेने में तकलीफ या अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
-वायु शुद्धिकरण: घरों में वायु शुद्धिकरण उपकरणों का उपयोग करें और हवा को साफ रखने के लिए पौधे लगाएं।
-खान-पान: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के लिए मौसमी फल का सेवन करें और मीठा खाने से बचें।